गुजरात सरकार ने वडनगर में होने वाले श्रवणोत्सव 2026 के लिए एक रील प्रतियोगिता शुरू की है। 2 से 5 अगस्त तक चलने वाले इस कॉम्पिटिशन में 'अनंत, अनादि वडनगर' थीम पर रील बनानी होगी। विजेताओं को ₹31,000 तक के नकद इनाम मिलेंगे।
गुजरात सरकार ने वडनगर में होने वाले श्रवणोत्सव 2026 को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाने और इसमें व्यापक जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 'श्रवणोत्सव 2026 रील प्रतियोगिता' की घोषणा की है। यह प्रतियोगिता 2 अगस्त से 5 अगस्त, 2026 तक MyGov गुजरात पोर्टल पर आयोजित की जाएगी।
गुजरात सीएमओ की एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस प्रतियोगिता का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं को वडनगर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक महत्व, पर्यटन क्षमता, लोक परंपराओं और श्रवणोत्सव की भव्यता को शॉर्ट वीडियो रील्स के माध्यम से रचनात्मक रूप से प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
प्रतियोगिता के नियम और शर्तें
प्रतिभागियों को "अनंत, अनादि वडनगर" (Eternal, Timeless Vadnagar) थीम पर एक से तीन मिनट की एक ओरिजिनल रील बनानी और सबमिट करनी होगी। एंट्रीज को MP4, AVI, या MOV फॉर्मेट में न्यूनतम 720p रेजोल्यूशन के साथ ऑनलाइन जमा करना होगा।
एंट्रीज गुजराती, हिंदी या अंग्रेजी में जमा की जा सकती हैं। यदि वीडियो में किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा का उपयोग किया जाता है, तो सबटाइटल अनिवार्य होंगे। सबमिट की गई सभी रील्स पूरी तरह से सेल्फ-शॉट और ओरिजिनल होनी चाहिए। विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्टॉक फुटेज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा जेनरेटेड कंटेंट या कॉपीराइटेड मटेरियल के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
रजिस्ट्रेशन और एंट्रीज केवल MyGov गुजरात पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी। प्रत्येक प्रतिभागी केवल एक ही एंट्री जमा कर सकता है, और समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। मूल्यांकन समिति का निर्णय अंतिम और सभी प्रतिभागियों पर बाध्यकारी होगा।
विजेताओं को मिलेंगे नकद पुरस्कार
विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रतियोगिता में आकर्षक नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार विजेता को 31,000 रुपये, दूसरे पुरस्कार विजेता को 21,000 रुपये और तीसरे पुरस्कार विजेता को 11,000 रुपये मिलेंगे।
इस पहल के माध्यम से, गुजरात सरकार रचनात्मक डिजिटल स्टोरीटेलिंग के जरिए नागरिकों को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना चाहती है, साथ ही श्रवणोत्सव 2026 में जनभागीदारी को भी बढ़ाना चाहती है।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से गुजरात की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करना भी है, जिससे श्रवणोत्सव को डिजिटल युग के एक जीवंत जन-उत्सव के रूप में स्थापित किया जा सके। (एएनआई)
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