सऊदी अरब के मक्का में भीषण गर्मी के चलते बड़ी संख्या में हज यात्रियों की मौत हुई है। हज करने गए लोगों को बिना भोजन-पानी के घंटों पैदल चलना पड़ा। बस कम पड़ गए। 

हैदराबाद। सऊदी अरब के मक्का में भीषण गर्मी के चलते हजार से अधिक हज यात्रियों की मौत (Haj pilgrims dead in Mecca) की खबरें आ रहीं हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो शेयर किए जा रहे हैं जिनमें मक्का में सड़क पर पड़े लाशों को देखा जा सकता है। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि हज करने मक्का गए 98 भारतीय की मौत हुई है।

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इस बीच TOI ने रिपोर्ट प्रकाशित कर बताया है कि मक्का में हज यात्रियों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इतनी अधिक मौतें हो रहीं हैं। हज करने मक्का गए हैदराबाद के मोहम्मद फरीद की जान खतरे में पड़ गई थी। उन्होंने बताया कि मक्का में तापमान 52 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। हज यात्रियों की अधिक भीड़ है। पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते हज यात्रियों को 40 किलोमीटर से अधिक पैदल चलना पड़ रहा है।

पैदल चलने से पैरों में पड़े छाले

फरीद ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण यात्रियों के पैरों में छाले पड़ जाते हैं। वह भी गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। तेज बुखार हो गया था और लू लग गई थी। वह बीच रास्ते में ही बेहोश हो गए थे। मीना से अराफात तक पहुंचने के लिए हमलोगों को 7.5 किलोमीटर से अधिक पैदल चलना पड़ा। हज यात्रा के दौरान 40 किलोमीटर से अधिक पैदल चलने के कारण मेरे पैरों में छाले पड़ गए। मेरी पत्नी बेहोश हो गई थी।

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बिना खाना-पानी घंटों पैदल चलना पड़ा

तेलंगाना के कई हज यात्रियों ने बताया कि बस के लिए 8 से 10 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हाजियों की मदद करने के लिए हैदराबाद से गए 41 खादिमों में से एक ने कहा कि मुख्य समस्या बस की थी। कई लोग तो बस का इंतजार करते-करते बेहोश हो गए। हज यात्रियों को बिना खाना-पानी के भीषण गर्मी में घंटों पैदल चलना पड़ा। इसके चलते कई हज यात्री खासकर सुगर और ब्लड प्रेशर की परेशानी वाले लोगों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी।

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