घुटने की सर्जरी और ऑफिस से इनकार: क्या कॉर्पोरेट दुनिया के बंद कमरों में पिस रहा है पुणे का एक लाचार सॉफ्टवेयर डेवलपर? जानिए क्यों एक साधारण वर्क फ्रॉम होम की मांग बन गई सबसे बड़ा रहस्यमयी विवाद। जिस पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है।

पुणे: एक भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर स्थिति के बावजूद 'वर्क फ्रॉम होम' (WFH) की अनुमति नहीं मिली, जिससे एक बार फिर भारतीय कॉर्पोरेट कल्चर और कर्मचारियों के अधिकारों पर बहस छिड़ गई है। पुणे में कार्यरत इस टेक कर्मचारी को घुटने की सर्जरी करानी है, जिसके बाद चलने-फिरने में भारी असमर्थता के कारण उन्होंने अस्थायी रूप से घर से काम करने की गुहार लगाई थी। हालांकि, एचआर (HR) विभाग ने उनकी इस अर्जी को सीधे तौर पर खारिज कर दिया।

सर्जरी के बाद ऑफिस जाना मुश्किल, इसलिए मांगा WFH

Reddit के ‘IndianWorkplace’ सबरेडिट पर ScleaverZer0ne नाम के यूजर ने अपनी स्थिति साझा की। डेवलपर के मुताबिक, घुटने की चोट के कारण उनकी सर्जरी होने वाली है। सर्जरी के बाद कुछ समय तक चलने-फिरने में परेशानी रहने की आशंका है, जिससे रोज ऑफिस आना-जाना मुश्किल होगा। उन्होंने दावा किया कि उनका काम पूरी तरह रिमोटली किया जा सकता है और इससे कंपनी के काम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसी आधार पर उन्होंने रिकवरी पीरियड तक अस्थायी WFH की मांग की।

HR ने क्यों ठुकराई रिक्वेस्ट?

सॉफ्टवेयर डेवलपर का काम पूरी तरह से डिजिटल है और इसे घर बैठे आसानी से किया जा सकता है। इसके बावजूद, कंपनी के एचआर विभाग ने यह कहते हुए अर्जी ठुकरा दी कि संगठन में ऐसी कोई व्यवस्था या नीति नहीं है। पीड़ित कर्मचारी का दावा है कि पूर्व में अन्य सहकर्मियों को मैनेजर की स्वीकृति पर एज़्योर वर्चुअल डेस्कटॉप (AVD) के जरिए घर से काम करने की छूट दी गई थी। डेवलपर ने यहाँ तक प्रस्ताव रखा कि यदि कंपनी को एवीडी लाइसेंस की लागत की चिंता है, तो वे उसका खर्च खुद उठाने के लिए तैयार हैं, फिर भी एचआर का रुख नहीं बदला।

नोटिस पीरियड का जटिल पेंच

यह स्थिति तब और भी पेचीदा हो जाती है जब कर्मचारी वर्तमान में अपने नोटिस पीरियड में काम कर रहा है। यदि वे घर से काम करने के बजाय मेडिकल लीव (बीमारी की छुट्टी) लेते हैं, तो उनकी रिलीविंग डेट आगे बढ़ जाएगी, जिससे उनकी अगली नौकरी पर असर पड़ सकता है। डेवलपर का कहना है कि वे स्थायी रूप से वर्क फ्रॉम होम नहीं मांग रहे हैं, बल्कि केवल सर्जरी के बाद रिकवरी के उस दौर के लिए छूट चाहते हैं जब वे ऑफिस आने-जाने में पूरी तरह असमर्थ होंगे।

क्या WFH कर्मचारी का कानूनी अधिकार है?

परेशान होकर इस टेक कर्मचारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट के 'IndianWorkplace' सबरेडिट पर अपनी स्थिति साझा की और कानूनी विकल्पों के बारे में पूछा। यही इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल है। Reddit पर कुछ यूजर्स ने स्पष्ट किया कि WFH अपने आप में सामान्यतः कोई सार्वभौमिक कानूनी अधिकार नहीं है और इसका प्रावधान कंपनी की रोजगार नीति, कॉन्ट्रैक्ट और लागू नियमों पर निर्भर कर सकता है। हालांकि, मेडिकल स्थिति, कंपनी की अपनी WFH नीति और समान परिस्थितियों में अन्य कर्मचारियों को दी गई सुविधाएं जैसे तथ्य मामले को अलग बना सकते हैं। इसलिए किसी कर्मचारी के लिए इसे सीधे तौर पर “कानूनी” या “गैरकानूनी” कहना परिस्थितियों और दस्तावेजों की जांच के बिना उचित नहीं होगा।

Reddit पर मिली अनूठी और अजीब सलाह

सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को लेकर मिली-जुली और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूज़र्स ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में सलाह दी कि कर्मचारी को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर पर ऑफिस जाना चाहिए ताकि एचआर और मैनेजर को अपनी स्थिति की गंभीरता का अहसास कराया जा सके। वहीं, अन्य व्यावहारिक सलाह देने वालों का मानना था कि कर्मचारी को एक कठिन फैसला लेते हुए या तो अपनी सर्जरी को कुछ समय के लिए टालना होगा या फिर रिलीविंग डेट आगे बढ़ने का जोखिम उठाकर मेडिकल लीव लेनी होगी।