दो नाकाम कोशिशों के बाद क्या तीसरी बार में मिला खौफनाक अंजाम? गोलीबारी, i10 की टक्कर और स्कॉर्पियो से कुचलने की कड़ी ने दुर्घटना के पीछे छुपा 20 साल पुराना बदला और बहन से जुड़ा गहरा राज आखिर दिल्ली पुलिस की तफ्तीश में बेनकाब हो ही गया।

नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कंझावला इलाके में 16 जुलाई को एक खेत में मिला दीपक डबास का शव शुरुआत में केवल एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना लग रहा था। मौके से 100 मीटर दूर उसकी क्षतिग्रस्त स्कूटर पड़ी थी। लेकिन जैसे ही पुलिस ने तहकीकात शुरू की, तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में सामने आया कि जिसे दुर्घटना माना जा रहा था, वह दरअसल दो दशक पुरानी दुश्मनी में रची गई हत्या की तीसरी और सफल साजिश थी।

खेत में मिला शव, पहले हादसा समझी पुलिस

मामला 16 जुलाई का है। कंझावला थाना पुलिस को एक खेत में एक व्यक्ति के मृत पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को दीपक डबास का शव मिला। करीब 100 मीटर दूर उसका क्षतिग्रस्त स्कूटर पड़ा था। शुरुआती तौर पर मामला सड़क हादसा लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कहानी बदल गई। पुलिस के मुताबिक, दीपक की मौत स्कॉर्पियो की टक्कर से हुई थी और इस घटना को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।

Scroll to load tweet…

दो दशक पुरानी रंजिश और बदले की आग

पुलिस जांच के अनुसार, इस खौफनाक वारदात का मुख्य सूत्रधार 45 वर्षीय पवन उर्फ जगपाल डबास है। पवन और मृतक दीपक डबास के बीच करीब 20 साल से दुश्मनी चल रही थी। विवाद की शुरुआत पवन की बहन को परेशान करने और उस पर लगाए गए आरोपों से हुई थी। बदले की इस आग में पवन ने दीपक को खत्म करने की योजना बनाई और इसे हादसा दिखाने की खतरनाक साजिश रची।

जानलेवा हमलों का सिलसिला: कब क्या हुआ?

दीपक को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने एक के बाद एक कई हमले किए:

  • पहला प्रयास (गोलीबारी): सबसे पहले दीपक के भाई के घर के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी की गई। पुलिस का दावा है कि इस हमले के पीछे भी पवन का ही हाथ था, लेकिन दीपक इस जानलेवा हमले में बच निकला।
  • दूसरा प्रयास (i10 कार से टक्कर): 2 जुलाई को जब दीपक माजरा डबास के पास स्कूटर से जा रहा था, तब एक सफेद हुंडई i10 ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। दीपक घायल हुआ, लेकिन फिर भी उसकी जान बच गई।
  • तीसरा प्रयास (स्कॉर्पियो से कुचला): 16 जुलाई को चांदपुर माजरा रोड के पास आरोपियों ने एक काले रंग की एसयूवी (स्कॉर्पियो) से दीपक की स्कूटर को कुचल दिया। इस बार दीपक की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस की कार्रवाई और बड़े खुलासे

घटना के बाद पुलिस ने 17 जुलाई को सागर उर्फ 'काला' को दबोचा। पूछताछ में सागर ने कबूल किया कि उसने 2 जुलाई को जानबूझकर दीपक को कार से उड़ाया था। बाद में हमले में इस्तेमाल i10 कार अतुल उर्फ मोंटी के पास से बरामद की गई। मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कथित मुख्य साजिशकर्ता 45 वर्षीय पवन उर्फ जगपाल डबास भी शामिल है, जिसे 12 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान दो वाहनों को भी बरामद किया है।