यह कमेटी एनटीए में सुधार और पेपर लीक से निपटने के लिए आगामी परीक्षाओं के लिए SoP तैयार करेगी। 

High Level committee for NTA: NEET पेपर लीक के बाद देशभर में मचे बवाल के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाईलेवल कमेटी का गठन किया है। एनटीए में सुधार के लिए गठित कमेटी के सदस्यों का ऐलान शनिवार को किया गया। कमेटी में इसरो के पूर्व प्रमुख, एम्स डायरेक्टर सहित कई दिग्गजों को शामिल किया गया है। यह कमेटी एनटीए में सुधार और पेपर लीक से निपटने के लिए आगामी परीक्षाओं के लिए एसओपी तैयार करेगी।

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हाईलेवल कमेटी में कौन-कौन शामिल, देखिए लिस्ट...

एनटीए के कामकाज में सुधार, पेपर लीक पर रोक लगाने के उपाय खोजने के लिए गठित हाईलेवल कमेटी के चेयरमैन डॉ.के.राधाकृष्णन होंगे। डॉ.राधाकृष्णन इसरो के पूर्व प्रमुख हैं। वह वर्तमान में आईआईटी कानपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन हैं। शिक्षा मंत्रालय की यह हाईलेवल कमेटी 7 सदस्यीय होगी। इसमें अध्यक्ष डॉ.राधाकृष्णन के अलावा दिल्ली एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉ.रणदीप गुलेरिया, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर बी.जे.राव, आईआईटी दिल्ली के छात्र मामलों के डीन आदित्य मित्तल, आईआईटी मद्रास के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के पूर्व प्रोफेसर राममूर्ति के.भी सदस्य में शामिल किए गए हैं। केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, कमेटी में शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल और पीपल स्ट्रांग के सह-संस्थापक व कर्मयोगी भारत के बोर्ड मेंबर पंकज बंसल को भी शामिल किया गया है।

कमेटी के ऐलान के साथ क्या कहा प्रधान ने?

हाईलेवल कमेटी के गठन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार एक हाईलेवल कमेटी गठित कर रही है। यह समिति एनटीए की संरचना, इसकी कार्यप्रणाली, परीक्षा प्रक्रिया, पारदर्शिता के अलावा डेटा और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल में सुधार के बारे में सिफारिशें देगी। इस कमेटी के सुझाव के बाद जीरो एरर वाले एग्जाम सिस्टम को बनाया जाएगा जहां पेपर लीक जैसे मसले की कोई जगह न हो।

पेपर लीक और रिजल्ट में डेढ़ हजार स्टूडेंट्स को अधिक मार्क से विवाद

NEET-UG परीक्षा शुरू से ही विवादों में रहा। परीक्षा कराए जाने के दौरान पेपर लीक का आरोप लगा लेकिन सरकार लगातार इससे नकारती रही। एनटीए द्वारा संचालित स्नातक चिकित्सा कार्यक्रमों के लिए 5 मई को आयोजित नीट-यूजी 2024 परीक्षा में लगभग 24 लाख छात्रों ने भाग लिया था। परीक्षा का रिजल्ट 4 जून को जब जारी किया तो विवाद और गहरा गया। दरअसल, 67 छात्रों के 720 अंक लाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। आधा दर्जन से अधिक स्टूडेंट्स तो एक ही सेंटर के थे। देशव्यापी आंदोलन शुरू हो गया। हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर आ गए। विपक्ष ने भी नीट को मुद्दा बना दिया। अब पेपर लीक और रिजल्ट दोनों को लेकर सरकार घिरने लगी। हालांकि, इसके बाद भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेपर लीक से नकारते रहे। लेकिन पेपरलीक के कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने एनटीए की गलती स्वीकार की है। पढ़िए पूरी खबर…