Hindu Jana Jagruti called boycott of Halal meat : हिंदू जन जागृति का कहना है कि हलाल मीट के नाम पर करोड़ों रुपए कमाए जा रहे हैं। इस व्यापार के सहारे करोड़ों रुपए कमाकर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश हो रही है। इस पैसे को देश विरोध गतिविधियों में लगाया जा रहा है। 

बेंगलुरू। हिजाब विवाद के मुद्दे के बाद अब कर्नाटक में हिंदू जन जागृति (Hindu Jana Jagruti called for boycott of Halal meat)ने हलाल मीट का बायकॉट करने का आह्वान किया है। उन्होंने सभी हिंदुओं को हलाल मीट का बायकॉट करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरू किया है।

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हिंदू जन जागृति मंच के मोहन गौड़ा (Mohan Gawda)ने एक वीडियो जारी करते हुए हलाल मीट और मुस्लिम दुकानदारों से मीट नहीं खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हम हलाल मीट पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चला रहे हैं। उन्होंने हिंदुओं से मुस्लिम दुकानदारों से मीट न खरीदने का आग्रह किया है।

हलाल मीट खाना हिंदू धर्म के विरुद्ध
Safa नाम के ट्विटर हैंडल पर शेयर की गई एक वीडियो पोस्ट में मोहन गौड़ा ने कहा कि हलाल किए गए मीट को खाना हिंदू धर्म के विरुद्ध है। यह हिंदुओं का आचरण नहीं है। उन्होंने कहा कि हलाल सर्टिफिकेट के माध्यम से भारत में हजारों करोड़ रुपए का कारोबार किया जा रहा है और इसके पैसे से देश को इस्लामिक केंद्र बनाने की कोशिश है। इस पैसे का इस्तेमाल देश विरोध गतिविधियों को चलाने के षड्यंत्रों के लिए किया जा रहा है। गौड़ा ने कहा कि हम हिंदू पद्धति के अनुसार झटका मीट का उपयोग करेंगे और हलाल मीट का इस्तेमाल बंद करेंगे। इस वीडियो में मुस्लिम दुकानदारों से मीट नहीं खरीदने और देश विरोधी गतिविधियों के लिए मीट के पैसे का इस्तेमाल होने का बायकॉट करेंगे।

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लोग बोले- मीट तो मीट है, हलाल हो या झटका 
कुछ यूजर्स का कहना है कि मीट तो मीट है। यह मायने नहीं रखता कि यह हलाल किया हुआ है या फिर झटका। कुछ यूजर्स इस कदम को बेहतर बता रहे हैं। मोहनगौड़ा के इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया यूजर तमाम लिंक शेयर कर रहे हैं। इनमें बताया जा रहा है कि कैसे मुस्लिम समुदाय ने हिंदू दुकानदारों से सामान न लेने के लिए फतवे जारी किए थे। इसमें कुछ खबरों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें बाबा रामदेव के पतंजलि के प्रोडक्ट्स का भी बायकॉट करने के आदेश जारी किए गए हैं। 

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हिजाब विवाद के बाद बढ़ी टेंशन
कर्नाटक में दिसंबर 2021 से चल रहे हिजाब बैन के मुद्दे को लेकर टेंशन चल रही है। हाईकोर्ट ने हिजाब को इस्लाम की धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं मानते हुए शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब की अनुमति नहीं देने का आदेश दिया था। इसके बाद मुस्लिम दुकानदारों ने फैसले के विरोध में दुकानें बंद रखी थीं। मुस्लिम समुदाय द्वारा इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद हिंदुओं ने मंदिर समितियों के मेलों में मुस्लिमों के दुकान लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब हलाल मीट का बायकॉट भी बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है। 

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