कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक और मादा चीता की मौत हो गई है, जिससे इस प्रोजेक्ट को बड़ा झटका लगा है। 

Kuno National Park. कूनो नेशनल पार्क में एक और मादा चीते की मौत हो गई है। साउथ अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए चीतों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है और यह संख्या 9 तक पहुंच चुकी है। जानकारी के अनुसार मादा चीता तब्लीशी की मौत हो गई है और उसे मृत हालत में पार्क में पाया गया है।

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4 महीने में 9 चीतों की मौत हुई

कूनो नेशनल पार्क की बात करें तो पिछले 4 महीने में कुल 9 चीतों की मौत हो जाने से हर कोई हैरान है। इनमें 6 चीते और 3 नन्हें शावक शामिल हैं। इस प्रोजक्ट को लेकर पार्क मैनेजमेंट की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि कोई यह नहीं जा पा रहा है कि मौत की असली वजह क्या है। मादा चीता तब्लीशी की मौत का भी कोई स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है।

अब कितने चीते कूनो नेशनल पार्क में बचे

9 चीतों की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में सिर्फ 14 चीते और 1 शावक ही जिंदा बचे हैं। इन मौतों को लेकर हाल ही में पीएम मोदी ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और अधिकारियों के साथ मीटिंग की थी। फिलहाल साउथ अफ्रीका से भी एक टीम कूनो नेशनल पार्क पहुंची है और चीतों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

क्या कॉलर आईडी से हो रही मौतें

पहले यह कारण निकलकर सामने आया था कि चीतों के गले में जो कॉलर आईडी लगाई गई है, उससे उन्हें इंफेक्शन हो रहा है। इसके बाद कॉलर आईडी निकाल दी गई और सभी चीतों को खुले मैदान से वापस बड़े बाड़े में शिफ्ट किया गया। अभी तक की मौतों को देखें तो सभी के कारण अलग-अलग आ रहे हैं। फिलहाल कूनो नेशनल पार्क में एक जांच टीम भी पहुंची है जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी।

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