अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में चीन के अवैध कंस्ट्रक्शन की सैटेलाइट इमेज (Satellite Image) सामने आने के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने माना कि भारत के संबंध चीन के साथ खराब दौर से गुजर रहे हैं। 

नई दिल्ली. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि भारत और चीन (India-China Relation) अपने संबंधों को लेकर इस समय ‘विशेषतौर पर खराब दौर’से गुजर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नई सैटेलाइट इमेज (Satellite Image) से अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में चीन के एक और एन्क्लेव बनाने का खुलासा हुआ है। इसमें करीब 60 इमारतें होने का दावा किया गया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

चीन की विश्वसनीयता पर सवाल
विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा कि संबंध खराब होने के पीछे चीन ने समझौतों का उल्लंघन करते हुए कुछ ऐसे कदम उठाए हैं, जिनके बारे में उसके पास कोई स्पष्टीकरण नहीं है। इसलिए चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। उसे इस बारे में सोचना चाहिए कि वो इन संबंधों को किस दिशा में ले जाना चाहता है। इसका उसे जवाब देना ही होगा। सिंगापुर में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमिक फोरम में ‘वृहद सत्ता प्रतिस्पर्धा: उभरती हुई विश्व व्यवस्था’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्री ने ये बातें कहीं।

पूर्व लद्दाख में सीमा विवाद पर कहा
एक सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि चीन को इस बारे में कोई संदेह है। हम किस मुकाम पर खड़े हैं और क्या गड़बड़ है? जयशंकर ने कहा कि उनकी अपने समकक्ष वांग यी के साथ कई बार मुलाकात हुई है। वे स्पष्ट करना चाहेंगे कि अगर वे मेरी बात सुनना चाहते हैं, तो जरूर सुनी होगी। विदेश मंत्री ने पूर्वी लद्दाख में सीमा पर जारी गतिरोध का जिक्र करते हुए कहा कि चीन को इसका जवाब देना चाहिए। बता दें कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध की स्थिति पिछले साल 5 मई से बनी हुई है।

Ladakh में चीनी सेना को पीछे हटाने पर जल्द कमांडर लेवल की वार्ता 
बता दें कि भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पूरी तरह पीछे हटाने के उद्देश्य से जल्द अगले दौर की सैन्य वार्ता करेंगे। एक वर्चुअल (Virtual) मीटिंग में दोनों देशों के बीच यह सहमति बनी है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सीमा मामलों पर बातचीत और वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की वर्चुअल मीटिंग (Meeting) में दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर स्थिति के संबंध में स्पष्ट चर्चा की। इस दौरान पिछले सैन्य स्तर की वार्ता के बाद के घटनाक्रम की भी समीक्षा की गई। 

यह भी पढ़ें
Border Issue : Ladakh में चीनी सेना को पीछे हटाने पर जल्द कमांडर लेवल की वार्ता करेंगे भारत-चीन
अरुणाचल में चीनी कब्जा: भारतीय सीमा में 6km अंदर 60 इमारतें बनाईं, भूटान में भी किया घुसपैठ
राजनाथ सिंह कल करेंगे रेजांग ला युद्ध स्मारक का उद्घाटन, 1962 के युद्ध के वीरों को मिलेगा सम्मान