वित्त वर्ष 2022-23 के अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 13.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। 

नई दिल्ली। भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। वहीं, चीन ने अप्रैल-जून 2022 तिमाही में 0.4 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। एनएसओ (National Statistical Office) द्वारा जारी किए गए आंकड़े के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 के अप्रैल-जून तिमाही में भारत की इकोनॉमी 20.1 फीसदी बढ़ी। 

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ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) 2021 के जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.4 फीसदी बढ़ा। 2021 के अक्टूबर-दिसंबर में जीडीपी में 5.4 फीसदी वृद्धि हुई। 2022 के जनवरी-मार्च तिमाही में 4.1 फीसदी का ग्रोथ हुआ। 2022 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जीडीपी में 13.5 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में इसके 16.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था। 

डीजीपी 36.85 लाख करोड़ रहने का अनुमान
एनएसओ के अनुसार 2022-23 की पहली तिमाही में डीजीपी 36.85 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में यह 32.46 लाख करोड़ रुपए था। इस तरह पहली तिमाही में 13.5 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। 2021-22 की पहली तिमाही में 20.1 फीसदी वृद्धि हुई थी। 2020 के अप्रैल-जून तिमाही में वास्तविक जीडीपी 27.03 लाख करोड़ था। 

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2020-21 की पहली तिमाही में कोरोना महामारी के चलते लगे लॉकडाउन के चलते भारत की डीजीपी 23.8 फीसदी सिकुड़ गई थी। एनएसओ के आंकड़े के अनुसार इस साल अप्रैल-जून में जीवीए (Gross Value Added) में 12.7 फीसदी वृद्धि हुई। यह 34.41 लाख करोड़ रुपए रहा। 

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कृषि क्षेत्र में 4.5 फीसदी की वृद्धि हुई। यह एक साल पहले 2.2 फीसदी था। खनन क्षेत्र में जीवीए की वृद्धि तिमाही में 18 फीसदी की तुलना में 6.5 फीसदी रही। निर्माण क्षेत्र में जीवीए भी तिमाही में 71.3 प्रतिशत से घटकर 16.8 प्रतिशत हो गया। बिजली, गैस, पानी की आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवा के सेक्टर में एक साल पहले के 13.8 प्रतिशत की तुलना में तिमाही में 14.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।