पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों द्वारा आतंकियों को मारे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत चाहता है कि जो लोग वांटेड हैं वे यहां आएं और कानूनी व्यवस्था का सामना करें। 

नई दिल्ली। पिछले कुछ समय में पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों द्वारा कई खूंखार आतंकियों को मार डाला गया है। इसपर भारत सरकार की ओर से गुरुवार को प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि जो लोग भारतीय अधिकारियों द्वारा वांटेड हैं उन्हें यहां आना चाहिए और कानूनी व्यवस्था का सामना करना चाहिए। वह पाकिस्तान में वांटेड आतंकवादियों की मौत पर टिप्पणी नहीं कर सकते।

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अरिंदम बागची ने कहा, "जो लोग भारत में आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों के लिए वांटेड हैं, हम चाहेंगे कि वे भारत आएं और हमारी कानूनी प्रणाली का सामना करें। मैं पाकिस्तान में हो रही घटना पर टिप्पणी नहीं कर सकता।"

आतंकवादी हंजला अदनान की हुई हत्या

दरअसल, पिछले कुछ समय में अज्ञात हमलावरों द्वारा पाकिस्तान में कई खूंखार आतंकियों को मारा गया है। हाल ही में पाकिस्तान के कराची में अज्ञात बंदूकधारियों ने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी हंजला अदनान को मार डाला। अदनान 2015 में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमले का मास्टरमाइंड था। हंजला अदनान को 2-3 दिसंबर की दरमियानी रात उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी।

खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नून ने 13 दिसंबर या उससे पहले भारत के संसद पर हमले की धमकी दी है। इसके बारे में पूछे जाने पर बागची ने कहा कि भारत हमेशा खतरों को गंभीरता से लेता है। बागची ने कहा कि वे ऐसी धमकियां देने वाले चरमपंथियों को बढ़ावा देना या श्रेय देना नहीं चाहते।

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बागची ने कहा- धमकियों को गंभीरता से लेते हैं

बागची ने कहा, “हम धमकियों को गंभीरता से लेते हैं। हम यहां एक बंधन में फंस गए हैं। मैं ऐसे चरमपंथियों को बढ़ावा देना या उन्हें अधिक महत्व नहीं देना चाहता जो धमकियां देते हैं। हमने इस मामले को अमेरिकी और कनाडाई अधिकारियों के साथ उठाया है।”

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