भारत जल्द ही दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जिनके पास पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने की क्षमता है। AMCA प्रोजेक्ट के तहत भारत अपने पहले स्वदेशी 5th जेनरेशन फाइटर जेट को बनाने में जुटा है।

5th Generation Fighter Jet: इस समय दुनिया के तीन देश अमेरिका, रूस और चीन के पास ही पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट बनाने की क्षमता है। भारत इस तरह के लड़ाकू विमान बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। AMCA प्रोजेक्ट के तहत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के दो वैरिएंट्स पर काम चल रहा है। तुर्की, दक्षिण कोरिया और जापान भी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार जिस तरह AMCA प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही है उम्मीद की जा रही है कि भारत 5th जेनरेशन फाइटर जेट बनाने वाला चौथा देश बनेगा।

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क्या है पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान

लड़ाकू विमान को उनकी टेक्नोलॉजी के आधार पर पीढ़ी में बांटा गया है। शुरुआती लड़ाकू विमान पहली पीढ़ी के थे। इन विमानों की क्षमता और टेक्नोलॉजी में समय के साथ बड़े बदलाव आए। इसी आधार पर विमानों को दूसरी, तीसरी, चौथी और पांचवी पीढ़ी का कहा गया। आज उन लड़ाकू विमानों को पांचवीं पीढ़ी का माना जाता है जिनके पास स्टील्थ तकनीक, सुपरक्रूज, एडवांस्ड सेंसर, इंटरनल वेपन्स बे और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमता हो।

पांचवीं पीढ़ी के कौन से विमानों का हो रहा इस्तेमाल

F-22 रैप्टर: F-22 रैप्टर पांचवीं पीढ़ी का अमेरिकी लड़ाकू विमान है। दो इंजन वाले इस लड़ाकू विमान को सबसे ताकतवर और एडवांस माना जाता है।

F-35: F-35 भी पांचवीं पीढ़ी का अमेरिकी लड़ाकू विमान है। एक इंजन वाले इस विमान के तीन वैरिएंट हैं।

Su-57: सुखोई Su-57 रूस का पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। दो इंजन वाला यह विमान बेहद फुर्तीला है।

चेंगदू जे-20: चेंगदू जे-20 चीन का पांचवीं पीढ़ी का पहला लड़ाकू विमान है। हालांकि एसकी स्टील्थ क्षमता को लेकर सवाल हैं। दो इंजन वाले इस विमान में एक सीट है।

J-35: J-35 चीनी लड़ाकू विमान है। दो इंजन वाला यह विमान F-35 की नकल माना जाता है।

AMCA होगा भारत का पहला पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान

AMCA पांचवीं पीढ़ी का पहला स्वदेशी फाइटर जेट होगा। 25 टन के इस विमान में दो इंजन होंगे। इसे वायुसेना और नौसेना द्वारा इस्तेमाल किया जाएगा। AMCA के दो वैरिएंट पर काम चल रहा है।

AMCA मार्क 1: AMCA मार्क 1 पहले बनकर तैयार होगा। इसमें अमेरिकी GE-F414 इंजन लगेंगे। इसमें इंटरनल वेपन्स बे, एडवांस्ड सेंसर और स्टील्थ तकनीक होगी। पहला प्रोटोटाइप 2028 तक तैयार होने की उम्मीद है।

AMCA मार्क 2: भारत खुद लड़ाकू विमानों का इंजन विकसित करने पर काम कर रहा है। AMCA मार्क 2 में 110 किलो न्यूटन थ्रस्ट वाला स्वदेशी इंजन होगा। इसे AI, डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स जैसे अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस किया जाएगा।