15 नवंबर से 2 दिसंबर तक अमेरिका और भारत के सैनिक उत्तराखंड के औली में युद्धअभ्यास करेंगे। यह जगह एलएसी से करीब 100 किलोमीटर दूर है। LAC के करीब अभ्यास होने से चीन चौकन्ना हो गया है।

नई दिल्ली। अगले दो महीने में भारत की सेना अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और कजाकिस्तान की सेना के साथ संयुक्त युद्धअभ्यास करेगी। अमेरिका और भारत के संयुक्त युद्ध अभ्यास से चीन चौकन्ना हो गया है। दोनों देशों की सेना LAC (Line of Actual Control) के करीब अभ्यास करेगी। 

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अमेरिका और भारत के सैनिक उत्तराखंड के औली में युद्धअभ्यास करेंगे। यह जगह एलएसी से करीब 100 किलोमीटर दूर है। 15 नवंबर से 2 दिसंबर तक चलने वाले युद्धअभ्यास में भारत के 250 से अधिक सैनिक हिस्सा लेंगे। इस दौरान सैनिक अधिक ऊंचाई वाले इलाके में लड़ाई किस तरह लड़ी जाए, इसका अभ्यास करेंगे। दो साल में यह ऐसा दूसरा सैन्य अभ्यास हैं। इससे पहले अमेरिका के अलास्का में भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने अभ्यास किया था। 

अमेरिका और भारत की सेना के बीच बढ़ेगा सहयोग
युद्ध अभ्यास का उद्देश्य अमेरिका और भारत की सेना के बीच समझ और सहयोग बढ़ाना है। अभ्यास के दौरान जवान एक दूसरे से सीखेंगे कि अधिक ऊंचे और ठंडे रणक्षेत्र में कैसे लड़ाई लड़ी जाए। इससे पहले अगस्त में भारत और अमेरिका के स्पेशल फोर्स के जवानों ने हिमाचल प्रदेश में वज्र प्रहार नाम का संयुक्त युद्धअभ्यास किया था।

इसके अलावा भारतीय सेना मलेशिया में 28 नवंबर से 13 दिसंबर तक होने वाले हरिमऊ सैन्य अभ्यास में भाग लेगी। 15 से 28 दिसंबर तक कजाकिस्तान के सैनिकों के साथ भारतीय सैनिक मेघालय के उमराई में अभ्यास करेंगे। 

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क्वाड के देशों की नैसेनाएं करेंगी युद्धअभ्यास 
8 से 18 नवंबर तक क्वाड के चारों देशों (अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत) की नैसेनाएं युद्धअभ्यास करने वाली हैं। मालावार में होने वाले इस अभ्यास के लिए भारतीय नौसेना अपने युद्धपोत और पनडुब्बी भेजेगी। इसके साथ ही भारतीय नेवी के पी8आई निगरानी विमान भी युद्धअभ्यास में हिस्सा लेंगे।

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