ISRO द्वारा 2024 में 12 बड़े मिशनों पर काम किया जाएगा। इसरो और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा मिलकर सिंथेटिक एपर्चर रडार पर काम कर रहे हैं।

नई दिल्ली। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO (Indian Space Research Organisation) 2024 में 12 बड़े मिशनों पर काम करने वाली है। ISRO का फोकस खोज, कम्युनिकेशन और इनोवेशन पर है। 2024 के लिए इसरो ने एक रोडमैप तैयार किया है। इसमें 12 महत्वपूर्ण मिशन शामिल हैं। प्रत्येक मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को बढ़ाएंगे।

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इसरो और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा मिलकर सिंथेटिक एपर्चर रडार पर काम कर रहे हैं। इस मिशन को नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (NISAR) नाम दिया गया है। 2024 में लॉन्च होने वाला NISAR पहला डुअल-बैंड रडार इमेजिंग उपग्रह होगा। यह पृथ्वी की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण डेटा देगा।

INSAT-3DS किया जाएगा लॉन्च

इसरो द्वारा अगले साल संचार उपग्रह INSAT-3DS लॉन्च किया जाएगा। यह इंडियन नेशनल सैटेलाइट सिस्टम सीरीज का हिस्सा है। यह मौसम की जानकारी देगा और आपदा के वक्त बचाव अभियान में मदद करेगा।

इसरो RISAT-1B और रिसोर्ससैट-3 लॉन्च करेगा। इससे भारत की रिमोट सेंसिंग क्षमता बढ़ेगी। चंद्र मिशनों को आगे बढ़ाने के लिए SPADEX और TDS01 (Technology Demonstration Satellite) पर रिसर्च को आगे बढ़ाया जाएगा। ओशनसैट-3ए लॉन्च किया जाएगा। इससे समुद्र विज्ञान और वायुमंडल का अध्ययन किया जाएगा।

NVS-02 से नेविगेशन सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

IDRSS (भारतीय डेटा रिले सैटेलाइट सिस्टम) पर काम होगा। इसका लक्ष्य रिमोट सेंसिंग और वैज्ञानिक उपग्रहों के साथ रियल टाइम कम्युनिकेशन लिंक स्थापित करना है। जीसैट-20 लॉन्च किया जाएगा। इससे दूरसंचार सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। NVS-02 सैटेलाइट लॉन्च किया जाएगा। इससे नेविगेशन सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।

गगनयान मिशन के लिए होंगे टेस्ट फ्लाइट्स

इसरो केवल मानवरहित मिशनों पर ही विचार नहीं कर रहा है। गगनयान मिशन के लिए अगले साल टेस्ट फ्लाइट किया जाएगा। गगनयान मिशन द्वारा इसरो इंसान को अंतरिक्ष में भेजेगा।