लोकसभा चुनाव 2024 से पहले शुरू हुए किसानों के विरोध प्रदर्शन के पीछे का राजनीतिक एजेंडा सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल को पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता कम करने को लेकर बात करते सुना जा सकता है। 

नई दिल्ली। MSP (Minimum Support Prices) की कानूनी गारंटी समेत कई मांगों को लेकर किसान नेता और उनके संगठन से जुड़े लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में शुरू हुआ है जब लोकसभा चुनाव 2024 होने को हैं। इसके चलते यह भी कहा जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन राजनीतिक एजेंडा के तहत किया जा रहा है।

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सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो से इस आरोप को बल मिला है। कहा जा रहा है कि इससे किसान विरोध प्रदर्शन के पीछे का राजनीतिक एजेंडा उजागर हो गया है। वीडियो में किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल को बोलते सुना जा सकता है।

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'मोदी के ग्राफ को नीचे लाना है'

जगजीत सिंह कहते हैं, "मोदी दा ग्राफ मंदर दे कर के बहुत ऊपर चला गया है (पीएम नरेंद्र मोदी का ग्राफ (लोकप्रियता) राम मंदिर को लेकर बहुत ऊपर चला गया है)। वो नुकसान है। उनका ग्राफ कैसे नीचे लाया जा सकता है। मैंने लोगों से बहुत बार कहा है। इसके लिए बहुत कम मौके हैं। समय बहुत कम है। ग्राफ उनका बहुत ऊंचा है। दिन हमारे पास बहुत कम हैं। क्या हम इन थोड़े दिनों में ग्राफ नीचे ला सकते हैं?"

यह वीडियो गुरुवार को किसान यूनियनों और केंद्र सरकार के बीच तीसरे दौर की बातचीत से पहले सामने आया है। केंद्र की ओर से मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय बात कर रहे हैं। इस दौरान एमएसपी पर फसल खरीद के लिए कानूनी आश्वासन सहित विभिन्न लंबित मुद्दों के समाधान के लिए एक नई समिति के गठन का प्रस्ताव सामने आ सकता है।

बता दें कि विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने दिल्ली चलो का आह्वान किया है। दिल्ली से लगी सीमा को सील कर दिया गया है। हरियाणा ने पंजाब से लगी सीमा को किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए कीले में बदल दिया है। किसानों को हरियाणा में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।