जेएनयू में छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब और उग्र होता जा रहा है। जिसके कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प तेज होती जा रही है। दरअसल, जेएनयू के छात्र फीस बढ़ोत्तरी समेत अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। जिसके बाद पुलिस ने छात्रों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार की है।  

नई दिल्ली. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में बढ़ी फीस समेत अन्य मांगों को लेकर जेएनयू छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच खबर आई है कि पुलिस और छात्रों के बीच जेएनयू दीक्षांत समारोह स्थल पर संघर्ष बढ़ता जा रहा है। स्थल के मुख्य गेट पर जुटे छात्रों को पुलिस ने थोड़ा सा पीछे किया है और पुलिस जवान भी यहां पहुंचे हैं। दोनों के बीच जारी संघर्ष में दो बेरीकेड टूट गए हैं। वहीं, कुछ देर पहले दक्षिणी दिल्ली रेंज के ज्वाइंट सीपी आनंद मोहन ने छात्रों से बातचीत की है। लेकिन छात्रों का आंदोलन अब उग्र होता जा रहा है। 

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छात्रों के प्रदर्शन के आगे, फंस गए माननीय

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोत्तरी और ड्रेस कोड के विरोध में 15 दिनों से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही परिसर में पुलिस मौजूद थी। जेएनयू से लगभग तीन किलोमीटर दूर एआईसीटीई का गेट बंद कर दिया गया था। यहां दीक्षांत समारोह का आयोजन चल रहा था, जिसमें उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल मौजूद थे। छात्रों के प्रदर्शन के कारण मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल कार्यक्रम स्थल से बाहर नहीं आ पा रहे थे।

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लगाए पुलिस विरोधी नारे 

एक अधिकारी ने कहा कि जेएनयूएसयू के अध्यक्ष एश घोष और उपाध्यक्ष साकेत मून को कहा गया कि वे छात्रों से बात करें और मंत्री को जाने दें। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से गेट से हटने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। जेएनयू परिसर के उत्तर और पश्चिम द्वार के बाहर बैरिकेड्स लगाए गए थे। साथ ही एआईसीटीई सभागार और जेएनयू के बीच बाबा बालकनाथ मार्ग पर, ट्रैफिक सिग्नल के पास, फ्लाईओवर के नीचे और कार्यक्रम स्थल के पास स्थित मार्ग पर बैरीकेडिंग की गई थी। छात्रों ने बैरिकेड तोड़ दिया और सुबह करीब 11.30 बजे कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने का प्रयास करने लगे। प्रदर्शनकारियों में से कुछ को हिरासत में लिया गया है। वहीं, छात्र हाथों में तख्तियां लेकर दिल्ली पुलिस गो बैक के नारे लगा रहे थे। कुलपति एम जगदीश कुमार को "चोर’ कह रहे थे।

छात्रों और पुलिस में झड़प

अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को पुलिस लगातार रोकने की कोशिश कर रही है। लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों को विरोध थमने का नाम नहीं ले रही है। अपनी मांगों को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई है। जिसमें छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरेकेट्स को तोड़ दिया है। जिसके बाद पुलिस प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की जिसमें दोनों के बीच झड़प हुई। 

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MHRD मंत्री ने छात्रों से की मुलाकात 

जेएनयू छात्रसंघ ने केंद्रीय मंत्री पोखरियाल से मुलाकात की। जिसमें उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया की सरकार उनके मांगों पर गौर करेगी। जबकि छात्र वीसी से मिलने के लिए नारे लगा रहे थे। घोष ने कहा कि आज हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है। हमने बैरिकेड को तोड़ा, दीक्षांत समारोह स्थल पर पहुंचे और मंत्री से मिले। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि हम एकजुट थे। यह हमारे आंदोलन का अंत नहीं है। हमने एचआरडी मंत्री से वीसी को छात्रों के साथ बातचीत करने के लिए कहने का आग्रह किया।

40% छात्र गरीब परिवारों से आते हैं

छात्रों का कहना है कि वे हॉस्टल मैनुअल, पार्थसारथी चट्टानों पर प्रवेश और छात्रसंघ कार्यालय पर ताला लगाने के के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैनुअल में शुल्क वृद्धि और ड्रेस कोड जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। हम 15 दिन से विरोध कर रहे हैं, लेकिन कुलपति हमसे बात करने को तैयार नहीं हैं। यहां लगभग 40% छात्र गरीब परिवारों से आते हैं। हॉस्टल की फीस 6 से 7 हजार बढ़ाई गई है। गरीब छात्र यहां कैसे पढ़ सकेगा।