वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक वकील ने आदिवासी समाज के कथित संघ की ओर से बागेश्वर धाम की कथा के खिलाफ एक याचिका लगाई थी, जिसमें कहा गया कि बागेश्वर धाम की आगामी कथा से आदिवासियों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।

ट्रेंडिंग डेस्क. बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पं. धीरेंद्र शास्त्री (Dheerendra Shashtri) की कथा के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट गए एक वकील को जज से बदतमीजी करना भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर इस सुनवाई का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें जज विवेक अग्रवाल ने वकील को जमकर फटकार लगा दी। वकील ने सुनवाई के दौरान कई बार हाथ दिखाकर जज से गलत तरीके से बात करने की कोशिश की। जानें क्या है पूरा मामला..

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बागेश्वर धाम की कथा के खिलाफ थी याचिका

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक वकील ने आदिवासी समाज के कथित संघ की ओर से याचिका लगाई थी, जिसमें कहा गया कि बालाघाट में बागेश्वर धाम की आगामी कथा से आदिवासियों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। जब जज विवेक अग्रवाल ने वकील से इसके पीछे का तर्क पूछा कि कैसे पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा से आदिवासियों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं, इस सवाल का जवाब देने की जगह वकील जज से गलत तरीके से बात करने लगे, जिससे जज अग्रवाल को गुस्सा आ गया। 

जज ने वकील से कहा- जेल भेज दूंगा

जज विवेक अग्रवाल ने कई बार वकील से कहा कि वह तथ्यों पर बात करें और अपनी बात को सिद्ध करें। परंतु जज की बात का जवाब देने के बजाए वकील ने लगातार उनकी बात अनसुनी की और बात काटने का प्रयास किया, जिसके बाद जज ने गुस्से में कहा कि आपको हाईकोर्ट में बहस करने का तरीका नहीं आता है। कोर्ट में बात करने का ये कोई तरीका है? जज ने कहा कि इस तरह से बदतमीजी करेंगे तो आप पर कोर्ट की अवमानना का मामला दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा। देखें वायरल वीडियो…

वीडियो क्रेडिट : Law Chakra

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