बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ 2013 में एक वासुदेव रेड्डी द्वारा की गई एक निजी शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व मुख्यमंत्री ने बेलंदूर और देवरबीसनहल्ली में भूमि को एक आईटी पार्क विकसित करने के लिए अधिग्रहित किया था। 

बेंगलुरु। कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी राहत मिली है। येदियुरप्पा के खिलाफ करप्शन के मामलों में आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है। भूमि आवंटन घोटाले (Land Allocation Scam) में पूर्व सीएम येदियुरप्पा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने भूमि आवंटन घोटाले में आरोपी येदियुरप्पा के खिलाफ दर्ज एफआईार को रद्द करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी।

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क्यों येदियुरप्पा के खिलाफ दर्ज हुआ है एफआईआर?

भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा पर 2006-07 में अवैध रूप से एक एकड़ भूमि को गैर-अधिसूचित करने और उद्यमियों को भूमि आवंटित करने का आरोप है। यह आवंटन उन्होंने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री रहने के दौरान किया था। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था।

2020 में, हाईकोर्ट ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया था कि कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी जाए। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जॉन माइकल कुन्हा ने जांच में देरी के लिए पुलिस को फटकार लगाई थी। न्यायाधीश ने कहा कि परिस्थितियां स्पष्ट रूप से संकेत देती हैं कि देरी जानबूझकर की गई है।

निजी शिकायत के बाद एफआईआर

बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ 2013 में एक वासुदेव रेड्डी द्वारा की गई एक निजी शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व मुख्यमंत्री ने बेलंदूर और देवरबीसनहल्ली में भूमि को एक आईटी पार्क विकसित करने के लिए अधिग्रहित किया था।

कर्नाटक के सबसे ताकतवर बीजेपी नेता को पद से हटाया

बीएस येदियुरप्पा, कर्नाटक बीजेपी के सबसे ताकतवर नेता माने जाते रहे हैं। कई बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन रह चुके येदियुरप्पा को बीते महीनों पद से हटाया गया था। उनकी जगह पर कर्नाटक में बसवराज बोम्मई की ताजपोशी की गई थी। सीएम पद से हटने के बाद येदियुरप्पा के खिलाफ करप्शन केस की जांच शुरू हो गई थी।

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