डीएमके सांसद कनिमोझी ने करूर भगदड़ पर सीएम विजय के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। कनिमोझी ने सीएम और मंत्रियों के निरीक्षण दौरों पर भी सवाल उठाए, जिससे लोगों को असुविधा हो रही है।
तूतीकोरिन (तमिलनाडु) [भारत], 10 जुलाई (एएनआई): द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने शुक्रवार को करूर भगदड़ पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की टिप्पणियों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सभी को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए और टिप्पणी करने से बचना चाहिए क्योंकि मामला जांच के अधीन है। कनिमोझी ने कहा कि चल रही जांच को अपने हिसाब से आगे बढ़ने देना चाहिए और इस पर कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं है।
करूर भगदड़ पर विजय के बयान पर संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, "सभी को जिम्मेदारी की भावना के साथ समझना और कार्य करना चाहिए। मामला फिलहाल जांच के दायरे में है और इस पर टिप्पणी करने से बचना उचित है। लोग जानते हैं कि मुश्किल समय में उनके साथ कौन खड़ा रहा और किसने उनकी मदद की। इसलिए, मैं इस मुद्दे पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।"
करूर भगदड़ पर सीएम विजय के आरोप
यह बयान विजय के उस आरोप के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलिस भीड़ को ठीक से प्रबंधित करने में विफल रही और उन्होंने पिछली डीएमके सरकार पर 41 लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी का दोष उन पर मढ़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2025 की करूर भगदड़ उनके राजनीतिक सफर का सबसे गहरा घाव है। विजय आज करूर में सरकार और पार्टी के कई कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आए थे, जिसमें 2025 की करूर भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र वितरित करना भी शामिल था।
'निरीक्षण दौरों' पर कनिमोझी ने सरकार को घेरा
इसके अलावा, मंत्रियों और विधायकों के निरीक्षण दौरों को लेकर तमिलनाडु सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे दौरों से जनता को असुविधा हो रही है और छात्रों को भावनात्मक तनाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कार्रवाइयों ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि सरकार किस दिशा में जा रही है।
कनिमोझी ने कहा, "इस सरकार में मंत्री और विधानसभा सदस्य बार-बार उन जगहों का दौरा कर रहे हैं, जहां उन्हें निरीक्षण के नाम पर नहीं जाना चाहिए, जिससे वहां के लोगों को असुविधा हो रही है। उन्होंने स्कूलों का भी दौरा किया है, जिससे छात्रों की मानसिक भलाई पर असर पड़ रहा है और उन्हें भावनात्मक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। जब मुख्यमंत्री भी ऐसी हरकतों में शामिल होते हैं, तो यह हर किसी के मन में एक सवाल खड़ा करता है कि यह सरकार किस दिशा में जा रही है।" (एएनआई)
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