कोलकाता में डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर के बाद ममता सरकार ने एंटी रेप कानून लाने की घोषणा की है। जानिए क्या है यह कानून और इसमें सजा का क्या प्रावधान है।

नेशनल न्यूज। कोलकाता में डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर केस को लेकर पश्चिम बंगाल में हाहाकार मची हुई है। 20 दिन से डॉक्टर प्रोटेस्ट कर रहे हैं और बुधवार को भाजपा के 'बंगाल बंद' के बाद मामला राजनीतिक होता जा रहा है। बीजेपी और कई छात्र संगठनों की ओर से ममता बनर्जी से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की जा रही है। इस बीच कोलकाता केस में फंसी ममता सरकार ने अब बंगाल में एंटी रेप कानून लाने की घोषणा की है। बताया जा रहा है अगले सप्ताह सरकार विधानसभा में इस कानून को लेकर प्रस्ताव भी पेश करेगी। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अपराधी को 7 दिन में सजा होगी
ममता सरकार ने कहा है कि बंगाल में नया एंटी रेप कानून लाएंगे जिससे अपराधियों को 7 दिन के अंदर मौत की सजा दी जाएगी। सीएम ने रेप के अपराधी को मृत्युदंड की सजा के लिए नया कानून पारित करने की बात कही है। सूत्रों के मुताबिक 3 सितंबर को वह विधानसभा में एंटी रेप कानून का प्रस्ताव पेश करेंगी। इसके बाद उसे राष्ट्रपति को भेजेंगी। यदि वह कानून को पारित नहीं करतीं तो राजभवन पर धरना-प्रदर्शन होगा।

पढ़ें कोलकाता केस पर बोलीं कंगना, हमें चाहिए योगी की तरह काम करने वाला नेता

क्या है एंटी रेप कानून और इसमें सजा 

  • दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध के खिलाफ कठोर दंड देने के उद्देश से एंटी रेप लॉ बना है। अपराधी को मामले 20 साल तक की सजा दी जा सकती है। यह उम्रकैद में भी बदल सकती है। उम्रकैद की सजा में आरोपी को अपने जीवन काल तक जुर्माना भी भरना होगा। 
  • बलात्कार की जघन्नता को देखते हुए कानून में अपराधी को फांसी की सजा देने का भी प्रावधान है।
  • इस कानून के तहत एसिड अटैक के मामले में दोषी को 10 साल की सजा का प्रावधान है।
  • रेप या एसिड अटैक पीड़िता को तुरंत इलाज देने से मना करने पर अस्पताल और स्टाफ के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
  • पीछा करने, घूर-घूर कर देखने को भी इस कानून में अपराध की श्रेणी में रखा गया है।