केंद्र सरकार ने कोसी-मेची लिंक प्रोजेक्ट को PMKSY-AIBP में शामिल किया है। इस पर ₹6,143 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें ₹3,652 करोड़ केंद्र देगा। प्रोजेक्ट को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

नई दिल्ली, 27 जुलाई (एएनआई): सरकार ने सोमवार को संसद को सूचित किया कि कोसी-मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (पीएमकेएसवाई-एआईबीपी) के तहत शामिल कर लिया गया है। इस परियोजना की शेष लागत 6,143.22 करोड़ रुपये है, जिसमें 3,652.56 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है।

जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना मार्च 2029 तक पूरी होने वाली है। पूर्वी कोसी मुख्य नहर के किलोमीटर 0.00 से 41.30 तक के पुनरुद्धार का काम 2,639.80 करोड़ रुपये के अनुबंध मूल्य पर दिया गया है, जिसमें अब तक 8.5 प्रतिशत की भौतिक प्रगति हुई है।

नेपाल के साथ कोसी नदी पर बांध निर्माण को लेकर बातचीत

सरकार ने यह भी बताया कि वह दोनों देशों के आपसी लाभ, जिसमें बाढ़ नियंत्रण उपाय भी शामिल हैं, के लिए कोसी नदी पर बांधों के निर्माण के संबंध में नेपाल सरकार के साथ नियमित बातचीत कर रही है।

बताया गया कि सप्त कोसी बहुउद्देशीय परियोजना और सन-कोसी कमला डायवर्जन बहुउद्देशीय परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए 2003 में गठित संयुक्त परियोजना कार्यालय (जेपीओ-एसकेएसकेआई) ने दोनों परियोजनाओं के लिए कई प्रमुख अध्ययन पूरे कर लिए हैं, जिनमें स्थलाकृतिक, जल विज्ञान, भूकंपीय, जल गुणवत्ता और हिमनदी झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) अध्ययन शामिल हैं।

ड्रिलिंग और संचार सर्वेक्षण भी पूरे हो चुके हैं।

बाढ़ प्रबंधन के लिए वित्तीय सहायता

केंद्र ने आगे बताया कि 2025-26 के दौरान भारत-नेपाल संयुक्त समिति की कोई बैठक नहीं हुई। यह भी बताया गया कि पिछले तीन वर्षों में बाढ़ प्रबंधन और सीमा क्षेत्र कार्यक्रम के तहत बिहार को 206.77 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थायी कोसी-गंडक बेसिन प्राधिकरण स्थापित करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। (एएनआई)

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