विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA की ताकत जदयू और तृणमूल कांग्रेस के निकलने से कम हुई है। जानें INDIA अलायंस में अब कौन-कौन से दल हैं और 2019 के चुनाव में उन्हें कितनी सीटें मिली थीं।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए प्रचार शुरू हो गया है। पार्टियों अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के लिए 370 और सत्ताधारी गठबंधन NDA के लिए 400 के पार सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। दूसरी ओर चुनावी मैदान में पीएम मोदी को हराने के लिए विपक्षी दलों ने INDIA नाम का अलायंस बनाया है। तृणमूल कांग्रेस और जदयू के इस गठबंधन से अलग होने से INDIA की ताकत कम हुई है। आइए जानते हैं INDIA अलायंस में अब कौन-कौन से दल हैं और 2019 के चुनाव में उन्हें कितनी सीटें मिली थीं।

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कांग्रेस: INDIA अलायंस में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है। 2019 के आम चुनाव में पार्टी को 52 सीटों पर जीत मिली थी। मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात समेत कई राज्यों में भाजपा का मुकाबला सीधे कांग्रेस से है।

DMK (Dravida Munnetra Kazhagam): डीएमके पार्टी का नेतृत्व तमिलनाडु के सीएम एम.के. स्टालिन कर रहे हैं। पिछले आम चुनाव में इस पार्टी को 24 सीटें मिली थी। डीएमके तमिलनाडु विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है।

AAP (Aam Aadmi Party): आम आदमी पार्टी के प्रमुख दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल हैं। दिल्ली और पंजाब में आप की सरकार है। हालांकि लोकसभा में आप के सांसद की संख्या एक है।

राजद (RJD): राजद बिहार की क्षेत्रीय पार्टी है। बिहार विधानसभा में राजद के विधायकों की संख्या 75 है। राज्यसभा में इसके छह सांसद हैं, लेकिन लोकसभा में एक भी सांसद नहीं है।

समाजवादी पार्टी: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव हैं। इसके पास लोकसभा के तीन सांसद हैं।

CPI (कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया): 2019 के लोकसभा चुनाव में CPI 49 सीटों पर लड़ी और दो पर जीत हासिल की।

CPI(M) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी): सीपीआई (एम) 2019 में 71 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। पार्टी को तीन सीटों पर जीत मिली थी।

CPI-ML भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन: सीपीआई-एमएल (लिबरेशन) के पास कोई लोकसभा सांसद नहीं है।

NCP (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी): पिछले साल एनसीपी को टूट का सामना करना पड़ा था। विभाजन से पहले की एनसीपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पांच सीटें जीतीं। वर्तमान में लोकसभा में एनसीपी के शरद पवार गुट के पास तीन सांसद हैं।

शिव सेना (यूबीटी): शिव सेना के उद्धव ठाकरे गुट के पास 6 सांसद हैं।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM): झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पार्टी के पास लोकसभा में एक सीट है।

अपना दल (कमेरावाड़ी): अपना दल (कमेरावाड़ी) के पास लोकसभा में कोई सीट नहीं है।

जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी): पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली इस पार्टी ने 2019 के चुनाव में तीन सीटें जीती थी।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी): जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय पार्टी पीडीपी का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती करती हैं। वर्तमान में इसका लोकसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML): इस पार्टी के पास लोकसभा के तीन सांसद हैं।

रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP): RSP के पास लोकसभा के एक सांसद हैं।

ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक: इस पार्टी के पास कोई सांसद नहीं है।

MDMK (मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम): MDMK का तमिलनाडु और पुडुचेरी में आधार है। लोकसभा में इसके पास कोई सीट नहीं है।

VCK (विदुथलाई चिरुथिगल काची): VCK का लोकसभा में एक सांसद है।

KMDK (कोंगुनाडु मक्कल देसिया काची): KMDK केरल की क्षेत्रीय पार्टी है। लोकसभा में पार्टी का कोई सदस्य नहीं है।

MMK (मनिथानेया मक्कल काची): MMK का नेतृत्व एम. एच. जवाहिरुल्ला कर रहे हैं। पार्टी का संसद में कोई सदस्य नहीं है।

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केरल कांग्रेस (मणि): इस पार्टी के पास लोकसभा में एक सीट है।

केरल कांग्रेस (जोसेफ): इस पार्टी के पास लोकसभा में एक भी सीट नहीं है।

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