मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक इस समय महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक संकट (Maharashtra MVA Crisis) ट्रेंड में है। शिवसेना के बागी मंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) मुंबई से वाया सूरत गुवाहाटी(असम) पहुंचे। इस बीच NCP ने कुछ बड़े सवाल उठाए हैं। हालांकि इन सवालों का जवाब मिलेगा या नहीं, किसी को नहीं मालूम।

गुवाहाटी. महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक युद्ध (Maharashtra MVA Crisis) की कमांड गुवाहाटी के 5 स्टार होटल रेडिसन ब्लू(Radisson Blu hotel) में बैठे शिवसेना के बागी मंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) के हाथ में है। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक इस समय महाराष्ट्र का राजनीतिक संकट ट्रेंड में है। शिवसेना के बागी मंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) मुंबई से वाया सूरत गुवाहाटी(असम) पहुंचे। इस बीच NCP ने कुछ बड़े सवाल उठाए हैं। हालांकि इन सवालों का जवाब मिलेगा या नहीं, किसी को नहीं मालूम। 

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NCP नेता ने उठाए ये बड़े सवाल
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(NCP) के एक नेता ने शनिवार को जानना चाहा कि गुवाहाटी और सूरत में होटलों के बिलों का भुगतान कौन कर रहा है? शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी, जो राज्य में शिवसेना और कांग्रेस के साथ सत्ता शेयर करती है, ने आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से ब्लैक मनी के स्रोत का पता लगाने की मांग उठाई है। NCP के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने पूछा, "सूरत और गुवाहाटी के होटलों के साथ-साथ चार्टर्ड फ्लाइट का बिल कौन चुका रहा है? क्या यह सच है कि हॉर्स ट्रेडिंग(Horse trading) रेट 50 करोड़ रुपए है? अगर ईडी और आईटी सक्रिय हो जाते हैं, तो काले धन के स्रोत का खुलासा हो जाएगा।"

एक दिन का खर्चा 8 लाख रुपए
5 स्टार होटल रेडिसन ब्लू(Radisson Blu hotel) में बागी MLAs के लिए 70 कमरे बुक कराए गए हैं। इनका हफ्तेभर का खर्चा करीब 56 लाख रुपए आ रहा है। यानी फूड और अन्य सभी सर्विस को जोड़कर हर दिन करीब 8 लाख रुपए खर्च होंगे। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बागी विधायक बुधवार(22 जून) को यहां पहुंचे थे। इससे पहले बागियों ने भाजपा शासित प्रदेश ही गुजरात के सूरत के एक होटल में डेरा(20 जून) जमाया था। होटल रेडिसन ब्लू में 196 कमरे हैं। सबसे बड़ी बात, फिलहाल नई बुकिंग बंद है।

शुरू से ही संकट में रही है गठबंधन सरकार
महाराष्ट्र का सत्तारूढ़ गठबंधन-महा विकास अघाड़ी (MVA)2019 ने अस्तित्व में आने के बाद से अपने सबसे खराब संकट से जूझना शुरू कर दिया था। अब 20 जून को विधान परिषद के चुनावों के कुछ घंटों बाद एकनाथ शिंदे ने बगावत कर दी। वे बुधवार से शिवसेना के कम से कम 38 बागी विधायकों और 10 निर्दलीय विधायकों के साथ गुवाहाटी के होटल में डेरा डाले हुए हैं। उनका विद्रोह 21 जून की सुबह सार्वजनिक हो गया था। विधायक कैसे मुंबई से लगभग 280 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सूरत में भागने में सफल रहे? यह भी जांच का विषय है। विधायकों ने अपने सुरक्षाकर्मियों को चकमा दिया। जैसे-एक विधायक ने अपने सुरक्षा कर्मियों को एक होटल के बाहर जाने के लिए कहा। तर्क दिया गया कि उन्हें अंदर कुछ काम है, लेकिन फिर वो अपने गार्ड को छोड़ कर दूसरे गेट से भाग गए। विधायक के नहीं आने पर सुरक्षा अधिकारियों ने अपने सीनियर्स को इस बारे में बताया। बाकी विधायकों के मामले में भी ऐसा हुआ। राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कथित तौर पर राज्य के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल, जो एनसीपी से हैं, से शिवसेना विधायकों के भागने के बारे में अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। सवाल किया था कि राज्य के गृह मंत्रालय और खुफिया विभाग ने एमवीए नेतृत्व को सतर्क क्यों नहीं किया? 

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