मणिपुर के थौबल जिला में स्थित भाजपा ऑफिस को भीड़ ने आग लगा दिया। भीड़ ने ऑफिस के गेट को तोड़ा फिर आगजनी की। 

इंफाल। अगवा किए गए दो युवकों की हत्या के बाद मणिपुर (Manipur Violence) में एक बार फिर हिंसा बढ़ गई है। बुधवार को थौबल जिला स्थित भाजपा के मंडल ऑफिस को भीड़ ने जला दिया। बड़ी संख्या में लोग भाजपा ऑफिस के बाहर जुटे। उपद्रवियों ने पहले ऑफिस के मेन गेट को तोड़ा फिर आगजनी की।

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भीड़ ने टायर जलाकर इंडो-म्यानमार हाईवे पर यातायात बाधित की। इस दौरान लड़की के लट्ठों और बिजली के पोल सड़क पर रख दिए गए। सड़क से जुड़ी भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षाकर्मी पहुंचे तो स्थिति और गंभीर हो गई। जवानों ने भीड़ की ओर आंसू गैस के गोले और नकली बम फेंके। इसके जवाब में भीड़ द्वारा पथराव किया गया। इस दौरान गुलेल से पत्थर मारे गए। स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षाकर्मियों को गोली चलानी पड़ी।

यह पहली बार नहीं है कि मणिपुर में भीड़ ने भाजपा ऑफिस को निशाना बनाया है। इससे पहले जून में उग्र भीड़ ने भाजपा के तीन ऑफिस को नुकसान पहुंचाया था। बुधवार को मणिपुर में उपद्रव की कई और घटनाएं भी हुईं थी।

दो जुलाई को अगवा किए गए थे दो युवक

6 जुलाई को दो युवकों को अगवा कर लिया गया था। बीते दिनों दोनों की हत्या कर दी गई। इसके बाद से मणिपुर में फिर से हिंसक घटनाएं हो रही है। मंगलवार की रात रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों और युवकों की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान RAF द्वारा आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां दागी गईं। इससे 45 प्रदर्शनकारी घायल हो गए, इनमें से अधिकतर छात्र हैं।

राकेश बलवाल को वापस भेजा गया मणिपुर
हिंसा बढ़ने के चलते गृह मंत्रालय ने सीनियर आईपीएस अधिकारी राकेश बलवाल को वापस मणिपुर भेज दिया है। राकेश श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात थे। उन्हें उनके होम कैडर मणिपुर में समय से पहले भेजा गया है। बलवाल हिंसाग्रस्त राज्य की सहायता के लिए मणिपुर में काम करेंगे।

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जातीय हिंसा की आग में जल रहा मणिपुर

मणिपुर पिछले कई महीनों से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है। कुकी और मैतेई समुदाय के लोग आमने-सामने हैं। मणिपुर राज्य सरकार ने बढ़ते तनाव और हिंसा के बीच कुल 19 पुलिस थाना क्षेत्रों को छोड़कर पूरे राज्य को अशांत क्षेत्र घोषित कर दिया है।