संसद के मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने NEET-UG 2026 पेपर लीक और राम मंदिर चंदा घोटाले पर हंगामा किया। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सरकार ने इस बीच सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल पेश किया।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को हंगामेदार रही। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी सदस्यों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक और अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान के कथित गबन पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया, जिसके बाद दोनों सदनों को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।

राज्यसभा को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया और अब इसकी बैठक 21 जुलाई को सुबह 11:00 बजे होगी। लोकसभा की कार्यवाही भी कल सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र के राजनीतिक रूप से गरमागरम रहने की उम्मीद है, क्योंकि विपक्ष आगामी राज्य चुनावों से पहले प्रमुख मुद्दों पर बहस के लिए दबाव बना रहा है।

हंगामे के बीच पेश हुए बिल

आज लोकसभा में, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष की नारेबाजी के बीच सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। मेघवाल ने विधेयक को पेश करने की अनुमति मांगी, जो सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में और संशोधन करना चाहता है। प्रस्तावित कानून केंद्र द्वारा लाए गए उस अध्यादेश की जगह लेना चाहता है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 के अलावा, सरकार राज्यसभा में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने वाली है। प्रस्तावित कानून राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन करना चाहता है, जिससे राष्ट्रगीत वंदे मातरम में किसी भी तरह की बाधा या अपमान को एक आपराधिक अपराध बनाया जा सके।

विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह सत्र के दौरान कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक, अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान के कथित गबन और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए दबाव डालेगा। (एएनआई)

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