पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयान पर बीजेपी नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। शाहनवाज हुसैन ने माफी की मांग की, जबकि मुख्तार नकवी ने धर्मनिरपेक्ष भारत की बात कही।
Hamid Ansari Statement Controversy: भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के उस बयान पर बवाल मच गया है, जिसमें उन्होंने हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को देश के लिए बड़ा खतरा बताया। अंसारी ने ये बयान अब्दुल गफूर नूरानी के जीवन और काम पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया था। हालांकि, उनके इस बयान की खुद कई मुस्लिम नेताओं ने ही आलोचना की है। साथ ही इसके लिए उन्हें माफी मांगने को कहा है।
हामिद अंसारी के बयान से मुस्लिम नाराज
महाराष्ट्र के नागपुर में बीजेपी नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हामिद अंसारी एक मुस्लिम परिवार में पैदा हुए और देश के उपराष्ट्रपति के पद तक पहुंचे। शाहनवाज हुसैन ने हामिद अंसारी के हालिया बयानों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, इन बयानों से मुस्लिम समुदाय के कई लोग नाराज हुए हैं।
देश में लोग दंगामुक्त माहौल में रह रहे- हुसैन
सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि भारत ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के विजन के तहत आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में मुसलमान शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में लोग शांतिपूर्ण और दंगा-मुक्त माहौल में रह रहे हैं। शाहनवाज हुसैन ने अपनी राय रखते हुए कहा कि हामिद अंसारी को अपने बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
समाज में बंटवारा पैदा करने वाले कभी कामयाब नहीं होंगे- नकवी
हामिद अंसारी की टिप्पणी पर बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बंटवारे के बाद भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश बना, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग साथ रहते हैं। नकवी ने कहा कि जो लोग समाज में मतभेद और बंटवारा पैदा करने की कोशिश करेंगे, वे अपने एजेंडे में सफल नहीं होंगे। उन्होंने भारत में अलग-अलग धर्मों के लोगों के साथ रहने की बात पर जोर दिया।
क्या है पूरा मामला?
- पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में एजी नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब ‘द RSS: अ मेनेस टू इंडिया’ का जिक्र किया।
- उन्होंने कहा कि नूरानी ने किताब में अपने वैचारिक उद्देश्य को छिपाने की कोशिश नहीं की।
- इसके बाद अंसारी ने नेहरू के बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया के दस्तावेज में दर्ज जवाहरलाल नेहरू के बयान का हवाला दिया। यह बयान विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक से जुड़ा था।
- अंसारी ने कहा, “नेहरू ने चेतावनी दी थी कि भारत को असली खतरा कम्युनिज्म से नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से था।” उनके इसी बयान को लेकर बवाल मचा है।


