Rahul Gandhi Statement: इंदौर के एक इवेंट में पीएम मोदी और उनकी दिवंगत मां की मिमिक्री करने पर बीजेपी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेताओं ने राहुल से माफी की मांग की है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि जो लोग खुद अरविंद केजरीवाल और गांधी परिवार का अपमान करते हैं, वे आज सम्मान की बात कर रहे हैं।

Rahul Gandhi Statement: पंजाब बीजेपी के प्रभारी और सांसद सतीश पूनिया ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी के लिए राहुल से माफी मांगने को कहा है। पूनिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री का इस तरह मजाक उड़ाना देश की राजनीति के लिए ठीक नहीं है। एएनआई से बात करते हुए सतीश पूनिया ने कहा, "मुझे लगता है कि उनके ऐसे बयानों से देश और दुनिया में गलत संदेश जाता है। मां चाहे किसी की भी हो, वह सम्मान के लायक है। किसी की मां की मिमिक्री करना या मजाक उड़ाना बेहद शर्मनाक है। राहुल गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।"

AAP ने बीजेपी पर लगाया दोगलेपन का आरोप

आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर राजनीतिक मर्यादा को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। बीजेपी के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर पलटवार करते हुए सौरभ ने कहा कि ये वही नेता हैं जिन्होंने पहले अरविंद केजरीवाल का मजाक उड़ाया था और राहुल गांधी के परिवार पर भद्दी टिप्पणियां की थीं। एएनआई से बातचीत में सौरभ भारद्वाज ने कहा, "बीजेपी को वही बर्ताव झेलना पड़ेगा जो उसने दूसरों के साथ किया है। आज बीजेपी नेता प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन ये वही लोग हैं जो दूसरों का अपमान करते आए हैं। अब ये पार्टी सम्मान और मर्यादा की बात कर रही है। अगर आप सम्मान चाहते हैं, तो पहले दूसरों को सम्मान देना सीखें।"

यह पूरा सियासी बवाल इंदौर में हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ। इस इवेंट में राहुल गांधी ने स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि के साथ मंच साझा किया था। आलोचकों का कहना है कि इस दौरान राहुल ने जो इशारे किए और मिमिक्री की, वह सीधे तौर पर पीएम मोदी और उनकी दिवंगत मां का मजाक उड़ाने के लिए थी।

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के बर्ताव की निंदा की

रविवार को केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। पंजाब के फाजिल्का में मीडिया से बात करते हुए मेघवाल ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल के बर्ताव की निंदा की। उन्होंने राहुल पर झूठ फैलाने, निजी हमले करने और भारतीय संस्कृति का अपमान करने का आरोप लगाया। मेघवाल ने पत्रकारों से कहा, "नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम का नाम 'छात्रों की गूंज' रखा है। लेकिन वह वहां झूठ और अपमान का सहारा ले रहे हैं। वह भारतीय संस्कृति और उन महान नेताओं का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ दे दिया। देखिए वह पीएम की मां के बारे में कैसे बात करते हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। ऐसे अपमान के पीछे उनका क्या मकसद है?"

केंद्रीय मंत्री ने भारतीय मूल्यों का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ों और माताओं का सम्मान करना हमारी संस्कृति का मूल हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पीएम पर निशाना साधने के जोश में राहुल गांधी भारत और उसकी संस्कृति की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। मेघवाल ने कहा, "नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उन्हें नीतियों और फैसलों पर जिम्मेदारी से बात करनी चाहिए, लेकिन वह झूठ फैलाकर निकल जाते हैं। मां का सम्मान करना भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है, लेकिन पीएम की आलोचना करने की धुन में वह भारत और उसकी सभ्यता को नीचा दिखा रहे हैं। यह बेहद निंदनीय है।"

केंद्रीय मंत्री ने यह भी दावा किया कि यह कार्यक्रम युवाओं को जागरूक करने के बजाय उन्हें गुमराह करने के लिए बनाया गया था। अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, "वह छात्रों को सही रास्ता दिखाने के बजाय उन्हें भटकाना चाहते हैं। उनकी इन हरकतों से सिर्फ अशांति और अराजकता ही फैलेगी।"

छात्रों के मुद्दे पर राहुल गांधी का पीएम पर तंज

इस बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा। उन्होंने पीएम के जन्मदिन के जश्न का जिक्र करते हुए इसे छात्रों की सुविधाओं से जोड़ दिया। राहुल गांधी ने कहा, "सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसा है, तो हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं? कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे यह सवाल पूछा था। वह गांव से शहर पढ़ने आई है। हॉस्टल नहीं है, इसलिए उसे पीजी में रहना पड़ता है। सिर्फ सुरक्षित रहने के लिए लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। हर महीने किराये की चिंता और बेघर होने का डर, इन सबके बीच उसे पढ़ाई करनी पड़ती है।"

राहुल गांधी ने 'अंधभक्तों' पर भी निशाना साधा और उनकी तुलना सवाल पूछने वाले छात्रों से की। उन्होंने कहा, "एक अंधभक्त किसी छात्र के बिल्कुल उलट होता है। जहां एक छात्र सवाल पूछता है और कुछ नया जानने की इच्छा रखता है, वहीं एक अंधभक्त अपनी ही ख्याली दुनिया में जीता है। एक छात्र निडर होता है, जबकि एक अंधभक्त कायर होता है।"