मरम्मत के बाद आम लोगों के लिए पुल खोले जाने के बाद ही टूट गया जिसमें कम से कम 135 लोगों की जान चली गई थी।

Morbi bridge collapse updates: गुजरात के मोरबी पुल गिरने के मामले में शनिवार को एक अदालत ने सात लोगों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट में सात आरोपियों ने जमानत के लिए कोर्ट में अपील की थी। ओरेवा ग्रुप द्वारा अंग्रेजों के जमाने के बनाए गए पुल का मरम्मत किया गया था। मरम्मत के बाद आम लोगों के लिए पुल खोले जाने के बाद ही टूट गया जिसमें कम से कम 135 लोगों की जान चली गई थी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

प्रधान सत्र न्यायाधीश ने किया जमानत से इनकार

गुजरात के प्रधान सत्र न्यायाधीश पीसी जोशी की अदालत ने जमानत पर सुनवाई करते हुए अर्जी को खारिज कर दिया। मोरबी पुल के संचालन और रखरखाव का ठेका लेने वाली कंपनी ओरेवा ग्रुप के दो मैनेजर्स सहित सात लोगों ने जमानत के लिए अपील की थी।

ओरेवा ग्रुप ने मोरबी पुल का कराया था मरम्मत

अजंता मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड (ओरेवा ग्रुप) ने मोरबी पुल का मरम्मत कराया था। मच्छू नदी पर बने इस पुल का निर्माण ब्रिटिश पीरियड में कराया गया था। मोरबी पुल की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी ओरेवा ग्रुप को दी गई थी। लेकिन मरम्मत के कुछ ही दिनों बाद यह पुल टूट गया था। 30 अक्टूबर को हुए इस हादसा में करीब 135 लोगों की जान चली गई थी।

पुलिस 9 लोगों को हादसा के अगले दिन किया था अरेस्ट

राज्य पुलिस ने हादसा के अगले ही दिन 9 लोगों को अरेस्ट किया था। अरेस्ट किए गए लोगों में ओरेवा ग्रुप के दो प्रबंधक, दो टिकट बुकिंग क्लर्क, पुल की मरम्मत करने वाले दो ठेकेदार और केबल-स्टे स्ट्रक्चर पर तैनात तीन सुरक्षा गार्ड शामिल थे। ओरेवा के एमडी जयसुख पटेल के खिलाफ दो सप्ताह पहले वारंट जारी किया गया। पटेल की अग्रिम जमानत याचिका पर पहली फरवरी को सुनवाई होनी थी लेकिन इसके पहले ही उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया।

1262 पन्नों की चार्जशीट

पुलिस ने 27 जनवरी 2023 को मोरबी पुल हादसा के आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। यह चार्जशीट करीब 1262 पन्नों की थी। इसमें करीब 300 से अधिक गवाहों के बयान शामिल हैं। नौ आरोपियों के अलावा ओरेवा ग्रुप के एमडी जयसुख पटेल को भी दसवें आरोपी के रूप में शामिल इस चार्जशीट में किया गया था।

ओरेवा ग्रुप के एमडी ने किया सरेंडर

मोरबी पुल हादसा के आरोपी ओरेवा ग्रुप के एमडी जयसुख पटेल ने 31 जनवरी 2023 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमजे खान की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। पटेल के खिलाफ वारंट जारी किया गया था। उन्होंने गिरफ्तारी के डर से अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की थी।

यह भी पढ़ें:

दिल्ली में AAP आफिस के सामने BJP का जोरदार प्रदर्शन: अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की कर रहे हैं मांग, पुलिस से भी झड़प

AgniVeer योजना में बदलाव: अब सेना में भर्ती होने के लिए पहले ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस इसके बाद देने होंगे यह दो टेस्ट