बेंगलुरु में पानी की टंकी से मिले नवजात शिशु के शव के मामले में मां ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि दवा देने के बाद बच्ची की मौत हो गई और रिश्तेदारों के डर से उसने शव टंकी में डाल दिया।

बेंगलुरु: एक महीने के बच्चे का शव पानी की टंकी में मिलने के मामले में जांच का रुख मां की ओर मुड़ गया है. मां ने बताया कि दवा देने के बाद बच्चे की मौत हो गई और रिश्तेदारों के दोषारोपण के डर से उसने शव को पानी की टंकी में डाल दिया. पहले मां ने बताया था कि पालने में सो रहे बच्चे को जब वह बाथरूम से वापस आई तो वहां नहीं पाया.

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कुछ दिन पहले दक्षिण पूर्व बेंगलुरु के सूर्यनगर में नवजात शिशु का शव घर के ऊपर पानी की टंकी में मिला था. मृतक बच्ची 25 वर्षीय ड्राइवर मनु और 20 वर्षीय छात्रा अर्चिता की बेटी थी. दोनों ने अलग-अलग जाति से होने के बावजूद परिवार के विरोध के बाद शादी की थी, इसलिए पुलिस ने ऑनर किलिंग समेत कई पहलुओं की जांच की. आसपास की इमारतों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, लेकिन किसी को भी घर में घुसते नहीं देखा गया. इससे पुलिस ने आसपास की इमारतों की छत से घर में घुसने की आशंका पर भी विचार किया.

प्रसव के बाद अर्चिता अपने मायके में रह रही थी. बच्ची के पालने से गायब होने की सूचना अर्चिता ने सबसे पहले अपनी दादी को दी. दादी ने अर्चिता के पिता को सूचित किया. फैक्ट्री में काम करने वाले उनके पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस जांच के दौरान बच्ची के पिता ने ही पानी की टंकी में शव को देखा.

सातवें महीने में बच्ची का जन्म हुआ था, इसलिए उसे कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं. समय से पहले जन्म के कारण बच्ची लगभग एक महीने तक अस्पताल में भी रही. उसे सांस लेने में तकलीफ के लिए इलाज चल रहा था. इसलिए अस्पताल से बच्ची को घर पर देने के लिए कुछ दवाएं भी दी गई थीं. अर्चिता के बयान के मुताबिक, घटना वाले दिन एक दवा देने के कुछ ही मिनटों बाद बच्ची की मौत हो गई.

युवती ने बताया कि उसे डर था कि पति के रिश्तेदार बच्ची की मौत के लिए उसे दोषी ठहराएंगे, इसलिए उसने शव को पानी की टंकी में डालकर बच्ची के गायब होने की झूठी कहानी रची. बच्ची के इलाज में परिवार पहले ही लगभग पांच लाख रुपये खर्च कर चुका था. इस बीच, पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि यह पता चल सके कि बच्ची की मौत पहले ही हो चुकी थी या नहीं.