इस समय देश में किसान आंदोलन चल रहा है। इससे पहले CAA को लेकर दिल्ली में आंदोलन हुआ था। दोनों ही आंदोलन में कई ऐसे नाम सामने आए, जो हर आंदोलन में मौजूद रहे। ऐसे लोगों को मोदी ने 'आंदोलनजीवी' का नाम दिया है। जानिए राज्यसभा में मोदी ने क्या कहा?

नई दिल्ली. देश में कोई भी और कहीं भी आंदोलन हो...कुछ लोग हर जगह मौजूद रहते हैं। मानों उन्हें आंदोलन का ही इंतजार रहता हो। रोजी-रोटी आंदोलन से ही चलती हो! ऐसे लोगों को मोदी ने 'आंदोलनजीवी' का नाम दिया है। मोदी सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। मोदी ने अपने प्रभावी अंदाज में किसान आंदोलन से लेकर तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखी। लेकिन कुछ आंदोलनकारियों पर जो व्यंग्य मारा, वो चर्चा का विषय बन गया है। भले ही उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन जिस तरीके से ऐसे लोगों को परिभाषित किया, वो मीडिया की सुर्खियों में हैं।

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जानिए क्या बोले मोदी-

  • मोदी ने चुटीले अंदाज में कहा कि उन्होंने अब तक बुद्धिजीवी सुना था, लेकिन कुछ लोग आंदोलनजीवी हो गए हैं। देश में कुछ भी हो, वो वहां पहुंच जाते हैं। ये कभी पर्दे के पीछे होते हैं, तो कभी पर्दे के पीछे। मोदी ने देश की जनता को चेताया कि ऐसे लोगों को पहचानकर बचना है।
  • मोदी ने कहा कि ऐसे लोग खुद कोई आंदोलन नहीं चला सकते, लेकिन किसी का आंदोलन चल रहा हो, तो वहां अवश्य पहुंच जाते हैं। ये आंदोलनकारी परजीवी हैं, जो हर जगह मिल जाते हैं। देश में आंदोलनजीवी नाम की एक नई बिरादरी पैदा हुई है। ये वकील, छात्र, मजदूरों के हर आंदोलन में मिल जाएंगे।
  • मोदी ने कहा कि इनकी एक पूरी टोली है। ये आंदोलन के बिना जी नहीं सकते हैं। ये लोग आंदोलन के लिए रास्ते खोजते रहते हैं। ये लोगों को गुमराह करते हैं। 
  • मोदी ने कहा कि देश में नया FDI मार्केट में आया है। नए FDI से बचना होगा, जिसका नाम है फॉरेन डिस्ट्रेक्टिव आइडियोलॉजी। इससे बचने के लिए जागरूक रहने की जरूरत है।
  • मोदी ने यह भी कहा कि गालियां मेरे खाते में जाने दो, अच्छा आपके खाते में, बुरा मेरे खाते में। आओ मिलकर अच्छा करें। मोदी ने आंदोलित किसानों से फिर कहा कि आंदोलन खत्म करें और चर्चा करें।

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