नागालैंड फायरिंग मामले में सेना ने बयान जारी कर कहा है कि भीड़ में शामिल लोगों ने सैनिकों पर हमला किया। सैनिकों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।

कोहिमा। नागालैंड फायरिंग मामले (Nagaland Firing Incident) में सेना ने बयान जारी कर कहा है कि शनिवार शाम करीब चार बजे मोन में करीब 500 युवाओं की गुस्साई भीड़ सुरक्षा बलों के शिविर में घुस गई थी। सुरक्षा बलों ने भीड़ को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन भीड़ में शामिल लोग शिविर में तोड़फोड़ करने लगे और आग लगा दी। इसके बाद भी सैनिकों ने बल प्रयोग नहीं किया। जब भीड़ ने हथियारों के साथ सैनिकों पर हमला शुरू किया तब आत्मरक्षा में सैनिकों ने गोलियां चला दी। 

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हत्या का केस दर्ज
बता दें कि नागालैंड (Nagaland) के मोन जिले में शनिवार शाम को हुई गोलीबारी मामले में मरने वालों की संख्या 15 हो गई है। 14 आम लोगों की मौत हुई और सुरक्षा बल का एक जवान शहीद हो गया। 14 लोगों की मौत शनिवार को हुई थी। वहीं, रविवार को असम राइफल्स के कैंप पर भीड़ द्वारा की गई हिंसा के दौरान एक व्यक्ति की मौत हुई। इस संबंध में हत्या का केस दर्ज किया गया है। 

जांच के लिए एसआईटी का गठन
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो ने कहा कि एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल घटना की जांच करेगा। नागालैंड सरकार ने घटना की जांच के लिए राज्य पुलिस के पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। मामला क्राइम ब्रांच थाने को ट्रांसफर कर दिया गया है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि राज्य के हॉर्नबिल फेस्टिवल की सभी गतिविधियों को कल रात तक के लिए रद्द कर दिया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने जताया दुख 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने ट्वीट कर कहा है कि नागालैंड के ओतिंग की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से काफी व्यथित हूं। जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। राज्य सरकार द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय SIT इस घटना की गहन जांच करेगी, ताकि शोक संतप्त परिवारों को न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

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