राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस 2023 (National Handloom Day 2023) पर दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया। उन्होंने इस दौरान कहा कि वोकल फोर लोकल जनआंदोलन बन गया है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस (National Handloom Day 2023) पर दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बुलकरों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सभा को संबोधित किया और कहा कि वोकल फोर लोकल जनआंदोलन बन गया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने नेशनल फैशन टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट (एनआईएफटी) द्वारा विकसित कपड़ा और शिल्प भंडार 'भारतीय वस्त्र एवं शिल्प कोष' के ई-पोर्टल का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में 3,000 से अधिक हथकरघा और खादी बुनकरों, कुशल कारीगरों और कपड़ा और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्रों की कंपनियों ने भागीदारी की।

पहला राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस 7 अगस्त 2015 को मनाया गया था। 7 अगस्त को स्वदेशी आंदोलन के सम्मान के रूप में चुना गया था। 7 अगस्त, 1905 को स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ था। इससे स्वदेशी उद्योग, विशेष रूप से हथकरघा बुनकरों को बढ़ावा मिला था।

जन आंदोलन बन गया है वोकल फोर लोकल

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "आज के दिन स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इसका भाव सिर्फ विदेशी कपड़े के बहिष्कार तक सीमित नहीं था। यह हमारी आर्थिक आजादी का बहुत बड़ा प्रेरक रहा है। ये भारत के लोगों को अपने बुनकरों से जोड़ने का भी अभियान बना था। आज वोकल फोर लोकल की भावना के साथ देशवासी स्वदेशी उत्पादों को खरीद रहे हैं। ये एक जनआंदोलन बन गया है।"

यह भी पढ़ें- मेगा रेलवे कार्यक्रम में पीएम मोदी ने बोले- Quit India, इस बात का जिक्र कर कहा- शर्म तक नहीं आई

पीएम मोदी ने कहा, "सरकार का प्रयास है कि टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़ी जो परंपराएं हैं वे ना सिर्फ जिंदा रहें, बल्कि नए अवतार में दुनिया को आकर्षित करें। इसलिए हम इस काम से जुड़े साथियों की पढ़ाई, ट्रेनिंग और कमाई पर बल दे रहे हैं। हम बुनकरों, हस्तशिल्पियों के बच्चों की आकांक्षा को उड़ान देना चाहते हैं। आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के तहत हर जिले में वहां के खास उत्पादों को प्रमोट किया जा रहा है। देश के रेलवे स्टेशनों पर भी ऐसे उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष स्टॉल बनाए जा रहे हैं। हम अपने हैंडलूम, खादी, टेक्सटाइल सेक्टर को वर्ल्ड चैम्पियन बनाना चाहते हैं। इसके लिए सबका प्रयास जरूरी है।"