बोस ने दावा किया कि सीएए को लागू करना आरएसएस के हिंदू राष्ट्र के सपने को सच करने का प्रयास है।

कोलकाता. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की परिजन एवं पूर्व तृणमूल सांसद कृष्णा बोस ने शुक्रवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी को लागू करने का भाजपा नीत केंद्र सरकार के निर्णय से देश ‘‘गृहयुद्ध की तरफ बढ़ रहा है।’’

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उन्होंने दावा किया कि केंद्र के अड़ियल रवैये से पता चलता है कि वह मुस्लिमों को निशाना बना रही है।

मुस्लिमों को बनाया जा रहा निशाना

बोस ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘आज हम ऐसी बुरी स्थिति में हैं कि केंद्र अपने विभाजनकारी सिद्धांतों को (जनता पर) थोप रही है। जाहिर है कि केंद्र के निशाने पर हमारे देश के मुस्लिम हैं और यह उनके (केंद्र) द्वारा सीधे तौर पर कहा जा रहा है। वे बौद्ध, जैन और अन्य समुदायों की बात करते हैं लेकिन केवल एक नाम नहीं है और यही विवाद की जड़ है। प्रताड़ना झेलने वाले सभी को शामिल क्यों नहीं किया गया? इसमें कोई शक नहीं कि सीएए से मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है।’’

हिंदू राष्ट्र का सपना पूरा कर रही बीजेपी

बोस ने दावा किया कि सीएए को लागू करना आरएसएस के हिंदू राष्ट्र के सपने को सच करने का प्रयास है।

उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक मिला-जुला विरोध हुआ...लेकिन देश जिस दौर से गुजर रहा है उससे वह लगभग गृह युद्ध की तरफ बढ़ रहा है...मैं ऐसी आशा नहीं करता लेकिन लगता ऐसा ही है।’’

अपने विचार नहीं थोप सकती भाजपा

बोस ने गृह मंत्री अमित शाह का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हिंदू राष्ट्र बनाने की आरएसएस की विचारधारा भाजपा की भी विचारधारा बन चुकी है। वे इसके लिए अड़े हैं और खुलकर बोल रहे हैं।’’ पूर्व तृणमूल सांसद ने यह भी कहा कि प्रचंड बहुमत प्राप्त करने का अर्थ यह नहीं है कि नरेंद्र मोदी सरकार को अपने निर्णय आम लोगों पर थोपने का अधिकार मिल गया है।