कमेटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि जेल के तत्कालीन प्रमुख संदीप गोयल की सत्येंद्र जैन के साथ मिलीभगत पाई। गोयल के निर्देश पर ही मंत्री को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। कमेटी ने गोयल के खिलाफ भी डिपार्टमेंटल एक्शन लेने की सिफारिश की है।

VVIP Treatment in Tihar: तिहाड़ में अपने सेल में दरबार लगाने वाले दिल्ली सरकार के मंत्री डॉ.सत्येंद्र जैन की मुश्किलें बढ़ने वाली है। मंत्रीजी को अगले 15 दिनों तक न दरबारी नसीब होंगे न कोई मिलने आ सकेगा। तन्हाई के वह रहेंगे। यही नहीं उनके सेल में लगे टेबल-कुसी आदि सुविधाओं को भी हटाया जाएगा। आम आदमी पार्टी के नेता डॉ.जैन मनी लॉन्ड्रिंग केस में अरेस्ट किए गए थे। दरअसल, जेल से कई वीडियो वायरल होने के बाद आप नेता पर सख्ती बरतने का आदेश हुआ है।

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वीवीआईपी ट्रीटमेंट की हो रही है जांच

दरअसल, तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली सरकार के मंत्री डॉ.सत्येंद्र जैन के कई वीडियो वायरल हुए थे। ईडी ने उन वीडियोज को कोर्ट में पेश भी किया था। उधर, वायरल वीडियो को देखते हुए दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने एक जांच कमेटी गठित की थी। जैन का सेल में ही मालिश कराते साथ ही अपने सेल में ही विजिटर्स से मिलते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। उप राज्यपाल की जांच कमेटी ने रिपोर्ट में डॉ.जैन को मिलने वाली वीवीआईपी सुविधाओं को हटाने की संस्तुति की है। कमेटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि जेल के तत्कालीन प्रमुख संदीप गोयल की सत्येंद्र जैन के साथ मिलीभगत पाई। गोयल के निर्देश पर ही मंत्री को वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। कमेटी ने गोयल के खिलाफ भी डिपार्टमेंटल एक्शन लेने की सिफारिश की है।

आप ने बताया था फिजियोथेरेपी

उधर, डॉ.सत्येंद्र जैन के वायरल वीडियो पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा था। आप ने आरोप लगाया था कि दिल्ली एमसीडी चुनावों को प्रभावित करने के लिए बीजेपी ऐसा कर रही है। आप ने दावा किया था कि कोर्ट और डॉक्टर्स के निर्देश पर जैन को फिजियोथेरेपी दी जा रही है, जिसका वीडियो बनाकर बीजेपी ने मुद्दा बनाया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वीडियो लीक का मकसद केवल चुनाव में उनकी पार्टी को नुकसान पहुंचाना है।