पेपर लीक बिल पर विपक्ष ने सरकार को घेरा. सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि मंगलवार को आगे की रणनीति तय होगी. उन्होंने छात्रों के लिए न्याय और मुआवजे की मांग की. कांग्रेस और CPI ने सदन में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की है.

अखिलेश बोले- छात्रों को मिले मुआवजा

नई दिल्ली [भारत], 28 जुलाई (एएनआई): समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि विपक्ष एंटी-पेपर लीक बिल पर मंगलवार को अपनी भविष्य की कार्रवाई तय करेगा. उन्होंने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि केंद्र छात्रों को आश्वासन दे कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं होगा और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के बीच प्रभावित लोगों के परिवारों को मुआवजा प्रदान करे. पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि सरकार को स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि भविष्य में छात्रों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा. उन्होंने कहा, "आगे की कार्रवाई पर फैसला कल लिया जाएगा. हम मांग करते हैं कि सरकार स्पष्ट रूप से कहे कि छात्रों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा, उनके परिवारों को मुआवजा मिलेगा और भविष्य में भी उनके साथ कोई अन्याय नहीं होगा."

गृह मंत्री के बयान पर अड़ा विपक्ष

इस बीच, कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की विपक्ष पर की गई आलोचना को खारिज कर दिया. उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद बहस के लिए है, न कि विपक्ष के सरकार की शर्तों पर काम करने के लिए. उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा में भाग लेने को तैयार है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पहले सदन में आकर इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए. कांग्रेस सांसद ने कहा, "किरेन रिजिजू को यह समझने की जरूरत है कि विपक्ष कोई कठपुतली नहीं है जो आपके इशारों पर नाचे. हमें चर्चा में भाग लेना चाहिए, लेकिन हम आपकी शर्तों पर ऐसा क्यों करें? संसद किस लिए है? विपक्ष यहां सिर्फ आपकी हर बात पर सहमत होने के लिए नहीं आता... हम निश्चित रूप से चर्चा में भाग लेंगे, लेकिन हमारी एक शर्त है: केंद्रीय गृह मंत्री को पहले सदन के पटल पर आकर जवाब देना होगा."

देशभर में छात्रों का आंदोलन दबाने का आरोप

इसी तरह की मांग को दोहराते हुए, सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि अमित शाह को छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज पर संसद में एक बयान देना चाहिए. उन्होंने कई राज्यों, विशेषकर बिहार में इसी तरह की घटनाओं की रिपोर्टों पर भी चिंता व्यक्त की और देश भर में छात्र विरोध को दबाने के एक समन्वित प्रयास का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को मंगलवार को फिर से संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने कहा, "हम मांग करते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं और छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के संबंध में एक बयान दें... इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि यह केवल दिल्ली में ही नहीं हुआ; देश के कई हिस्सों से इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं... बिहार से आ रही रिपोर्टें विशेष रूप से परेशान करने वाली हैं. बताया गया है कि एक पुलिस अधिकारी द्वारा एके-47 का इस्तेमाल किया गया. ऐसा लगता है कि देश भर में छात्रों के आंदोलन को दबाने का एक समन्वित प्रयास किया जा रहा है. ऐसा लगता है कि विशेष रूप से एनडीए शासित राज्यों में निर्देश जारी किए गए होंगे... यह एक बहुत ही परेशान करने वाली स्थिति है. सीजेपी ने पहले ही अपना विरोध दर्ज करा दिया है, जिसमें कहा गया है कि दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन हुआ है. हम कल इस मुद्दे को फिर से उठाएंगे."

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया. केंद्र ने सोमवार को देश में पेपर लीक पर अंकुश लगाने के लिए लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पेश किया. (एएनआई)

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