Lord Ayyappa Gold Crown: सबरीमाला मंदिर में 2012 में भगवान अयप्पा को चढ़ाए गए 55.72 सोवेरन के सोने के मुकुट को लेकर विवाद सामने आया है। ऑडिट में वजन को लेकर विसंगति की रिपोर्ट के बाद जांच शुरू हुई, जबकि देवस्वम बोर्ड ने मुकुट सुरक्षित होने की जानकारी दी।

Sannidhanam strongroom: केरल के सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा को अर्पित किए गए सोने के मुकुट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हाई कोर्ट के निर्देश पर चल रही थिरुवाभरणम् यानी पवित्र आभूषणों की जांच के दौरान 2012 में चढ़ाए गए करीब 55.72 सोवेरन के मुकुट को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। शुरुआती रिपोर्टों में दावा किया गया कि मूल मुकुट की जगह कम वजन वाला नकली मुकुट मिला है। हालांकि, बाद में थिरुवाभरणम् कमिश्नर की ओर से मुकुट के सुरक्षित होने की बात कही गई।

2012 में चढ़ाया गया था सोने का मुकुट

रिपोर्टों के मुताबिक, यह मुकुट 17 अगस्त 2012 को तमिलनाडु के श्रद्धालुओं के एक समूह ने भगवान अयप्पा को अर्पित किया था। इसका वजन करीब 55.72 सोवेरन यानी 445.78 ग्राम दर्ज किया गया था। मंदिर के रिकॉर्ड में भी इस आभूषण का विवरण दर्ज होने की बात सामने आई है।

445.78 ग्राम के मुकुट की जगह 240 ग्राम का टुकड़ा?

जांच से जुड़ी शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया कि स्ट्रॉन्ग रूम में मौजूद मुकुट का वजन सिर्फ 240 ग्राम था। यानी रिकॉर्ड में दर्ज वजन और मौजूदा टुकड़े के वजन में करीब 205.78 ग्राम का अंतर पाया गया। इसी आधार पर मूल मुकुट को बदलने की आशंका जताई गई। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि मौजूदा मुकुट आकार और डिजाइन में मूल जैसा दिखाई देता है, लेकिन उसमें असली सोने के बजाय नकली सामग्री होने की आशंका सामने आई।

हाई कोर्ट के निर्देश पर हो रही आभूषणों की जांच

यह मामला केरल हाई कोर्ट के निर्देश पर सबरीमाला के पवित्र आभूषणों की चल रही जांच के दौरान सामने आया। इस प्रक्रिया की निगरानी हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त अमिकस क्यूरी जस्टिस केटी शंकरन कर रहे हैं। आभूषणों की सूची और रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है।

स्ट्रॉन्ग रूम और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रिपोर्टों के अनुसार, भक्तों से प्राप्त मूल्यवान आभूषणों को सबरीमाला के स्ट्रॉन्ग रूम से अरनमुला स्थित केंद्रीय सुरक्षित तिजोरी में स्थानांतरित करने की व्यवस्था है। शुरुआती जानकारी में दावा किया गया कि संबंधित मुकुट अरनमुला की तिजोरी तक पहुंचा ही नहीं था। मुकुट को ऐसे स्थान पर रखे जाने की बात भी सामने आई है जहां सीसीटीवी निगरानी नहीं थी। इससे यह पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है कि कथित बदलाव कब और किस स्तर पर हुआ।

देवस्वम बोर्ड ने दी अलग जानकारी

मामले में बाद में त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड की ओर से अलग जानकारी सामने आई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, थिरुवाभरणम् कमिश्नर ने बोर्ड को बताया कि 55.72 सोवेरन वाला सोने का मुकुट सुरक्षित है और उसके गायब होने की बात सही नहीं है। हालांकि, अन्य आभूषणों को लेकर जांच जारी रहने की बात कही गई है। वहीं, बोर्ड अध्यक्ष के. जयकुमार ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जरूरी है और हाई कोर्ट की जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति ज्यादा स्पष्ट होगी।

जांच रिपोर्ट से साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल मुकुट को लेकर सामने आई शुरुआती रिपोर्टों और बाद में देवस्वम बोर्ड की ओर से दी गई जानकारी में अंतर है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि मूल मुकुट वास्तव में बदला गया था या रिकॉर्ड और प्रतिकृति से जुड़ी कोई दूसरी विसंगति सामने आई है। अंतिम जांच और हाई कोर्ट में पेश होने वाली रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।