वायुसेना चीफ ने कहा कि पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी भले ही भारत की सीमा ईस्टर्न लद्दाख क्षेत्र के पास तीन बेस तैयार कर रहा है लेकिन वह किसी भी बड़े ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं है। 

नई दिल्ली। चीन (China) से कर्ज व अन्य सहायता पाने के लिए पाकिस्तान (Pakistan) दूसरे देशों की मुखबिरी कर रहा है। पाकिस्तान दूसरे देशों की सैन्य जानकारियों (military informations) को चीन को उपलब्ध करा रहा है। भारत ने दुनिया के अन्य देशों को पाकिस्तान की इस ओछी हरकत से अलर्ट किया है। 

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मिलिट्री तकनीक को बीजिंग से शेयर कर रहा पाक

इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) के एयर चीफ मार्शल (Air Chief Marshal) वीआर चौधरी (V R Chaudhari) ने कहा कि पाकिस्तान इन दिनों चीन के लिए पश्चिमी देशों की मिलिट्री तकनीक शेयर कर रहा है। पाकिस्तान यूएस, स्वीडन और अन्य यूरोपिय देशों से मिले मिलिट्री तकनीक को लगातार चीन को दे रहा है।
उन्होंने कहा कि चीन-पाकिस्तान पार्टनशिप से ग्लोबल या क्षेत्रीय स्तर पर कोई खतरा नहीं है और इससे घबराने की जरुरत नहीं है। एयरफोर्स की नजर चीनी वायुसेना पर है। 

चीनी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं

वायुसेना चीफ (IAF Chief) ने कहा कि पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (Peoples Liberation Armry) भले ही भारत की सीमा ईस्टर्न लद्दाख (Eastern Ladakh) क्षेत्र के पास तीन बेस तैयार कर रहा है लेकिन वह किसी भी बड़े ऑपरेशन के लिए सक्षम नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर किसी ऑरपरेशन को चलाने के लिए चीन मजबूत स्थिति में नहीं हैं। उस इलाके में भारतीय वायुसेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार थी।

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