सरकार PM-AJAY योजना के तहत SC समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए आदर्श ग्राम बना रही है। राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, देशभर में 47,328 गांवों का चयन किया गया है, जहां विकास कार्यों को पूरा किया जा रहा है।
नई दिल्ली [भारत], 3 अगस्त (एएनआई): भारत सरकार अपने आदर्श ग्राम घटक के तहत गांवों के एकीकृत विकास के माध्यम से अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) को लागू कर रही है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, "इस योजना का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को एक साथ लाकर और विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण कमियों को दूर करके प्रमुख सामाजिक-आर्थिक संकेतकों को पूरी तरह से लागू करना है।" सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने राज्यसभा में अनिल कुमार यादव मंदादी को एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। सदन को बताया गया कि पीएम-अजय के आदर्श ग्राम घटक के तहत देश भर में 47,328 गांवों का चयन किया गया है, जिसमें तेलंगाना के 435 गांव भी शामिल हैं। चयनित गांवों का राज्य-वार विवरण सदन के पटल पर रखा गया है।
कैसे काम करता है आदर्श ग्राम कंपोनेंट?
लिखित उत्तर में आगे कहा गया कि आदर्श ग्राम घटक, शिक्षा सहित 10 क्षेत्रों में 50 निगरानी योग्य सामाजिक-आर्थिक संकेतकों को संतृप्त करके चयनित गांवों के एकीकृत विकास पर केंद्रित है। इन संकेतकों की आधारभूत स्थिति स्थापित करने के लिए एक आवश्यकता मूल्यांकन सर्वेक्षण किया जाता है। पहचानी गई कमियों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ मिलकर या पीएम-अजय के तहत समर्थित हस्तक्षेपों के माध्यम से दूर किया जाता है। राज्यों द्वारा की गई प्रगति को पीएमएजीवाई पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाता है।
योजना के तहत अब तक हुई प्रगति
सदन को यह भी बताया गया कि देश भर में इस योजना के तहत 3,28,131 विकास कार्यों और 1,10,51,213 लाभार्थियों की पहचान की गई है। इनमें से 46,642 विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, जिससे अब तक 47,59,399 लाभार्थियों को लाभ हुआ है।
तेलंगाना में क्या है स्थिति?
तेलंगाना के संबंध में, लिखित उत्तर में कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र के तहत 3,529 लाभार्थियों की पहचान की गई है, जिनमें से 472 लाभार्थी पहले ही इस योजना के तहत लाभ प्राप्त कर चुके हैं।
थर्ड-पार्टी ऑडिट की व्यवस्था
थर्ड-पार्टी ऑडिट के संबंध में सवाल का जवाब देते हुए सदन को सूचित किया गया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पीएम-अजय आदर्श ग्राम घटक के तहत आदर्श ग्राम की स्व-घोषणा को सत्यापित करने का निर्देश दिया गया है। (एएनआई)
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