लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने 11 संकल्प रखे, जिसमें भ्रष्टाचार मुक्त भारत, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति और परिवारवाद से मुक्ति जैसे मुद्दे शामिल हैं। क्या ये संकल्प देश की दिशा बदलेंगे?

PM Modi in Constitution debate reveals 11 resolutions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान संविधान पर स्पेशल चर्चा के सत्र के दूसरे दिन अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने भारतीय लोकतंत्र में संविधान की यात्रा पर विस्तार से अपनी बात रखते हुए कांग्रेस और गांधी परिवार पर जमकर हमला बोला साथ ही अपनी सरकार की नीतियों और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित कार्यक्रमों की एक-एक कर जानकारी दी। उन्होंने देश के विकास के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा की। अपने वक्तव्य के दौरान पीएम मोदी ने सदन के सामने 11 संकल्प रखे जिसका पालन करने की अपील न केवल सदन और जनप्रतिनिधियों से की बल्कि देश की 140 करोड़ जनता से भी इस पर अमल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह संकल्प विकसित भारत बनाने की दिशा में सबसे अहम साबित होगा।

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आईए जानते हैं पीएम मोदी के 11 संकल्प...

  1. चाहे नागरिक हो या सरकार सभी अपने-अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें.
  2. हर क्षेत्र और समाज को विकास का समान लाभ मिले, "सबका साथ, सबका विकास" हो।
  3. भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस हो। भ्रष्टाचारी की सामाजिक स्वीकार्यता न हो।
  4. देश के कानून, देश के नियम और परंपराओं के पालन में देश के नागरिकों में गर्व होना चाहिए, गर्व का भाव हो।
  5. गुलामी की मानसिकता से मुक्ति हो। देश की विरासत पर गर्व हो।
  6. देश की राजनीति को परिवारवाद से मुक्ति मिले।
  7. संविधान का सम्मान हो। राजनीतिक स्वार्थ के लिए संविधान को हथियार न बनाया जाए।
  8. संविधान की भावना के प्रति समर्पण रखते हुए जिन वर्गों को आरक्षण मिल रहा उनको न छीना जाए और धर्म के आधार पर आरक्षण की हर कोशिश पर रोक लगे।
  9. वीमेन लेड डेवलपमेंट (Women-led Development) में भारत दुनिया में मिसाल बने।
  10. राज्य के विकास से राष्ट्र का विकास, ये हमारा विकास का मंत्र हो।
  11. एक भारत, श्रेष्ठ भारत का ध्येय सर्वोपरि हो।

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