GST Savings Festival 2025: क्या मोदी सरकार का यह कदम आपके बजट में हजारों रुपये की बचत करेगा या कंपनियों की चाल के पीछे छुपा है कोई और बड़ा राज़? कीमतों में भारी कटौती, लेकिन असली असर क्या होगा?

GST 2.0 India 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम राष्ट्र के नाम संबोधन में ऐलान किया कि 22 सितंबर से जीएसटी बचत उत्सव शुरू होगा। इस दौरान रोजमर्रा की चीज़ों से लेकर कार, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य बीमा तक सब कुछ सस्ता होने वाला है। सुनकर अच्छा लगता है, लेकिन लोगों के मन में सवाल भी उठ रहा है-क्या यह सिर्फ एलान भर है या आपके जेब में सचमुच बचेंगे हजारों रुपये? यही रहस्य इस आर्टिकल में खोला गया है।

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FMCG और रोजमर्रा के सामान होंगे सस्ते

नई जीएसटी दरों के लागू होने के बाद FMCG कंपनियों ने बड़े डिस्काउंट की घोषणा की। अमूल, मदर डेयरी, केलॉग्स जैसी कंपनियों ने दूध, पनीर, मक्खन और बिस्कुट जैसी वस्तुओं की कीमतें 5-12% तक कम कर दी हैं। प्रिंगल्स चिप्स और आइसक्रीम जैसी वस्तुएँ भी अब पहले से 10-12% सस्ती हो चुकी हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस पर 18% जीएसटी से राहत

अब व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। पहले 18% जीएसटी के चलते 15,000 रुपये का प्रीमियम 17,700 रुपये तक पहुंच जाता था। नई दरों से हर साल पॉलिसीधारकों को हजारों रुपये की बचत होगी।

कारों और इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में भारी कटौती

मारुति सुज़ुकी जैसी कंपनियों ने घोषणा की कि नई जीएसटी दरों से कारों की कीमत 46,000 रुपये से लेकर 1.29 लाख रुपये तक घटेगी। वहीं, व्हर्लपूल जैसे ब्रांड्स ने एसी और डिशवॉशर पर 3,000-5,000 रुपये तक कटौती का ऐलान किया है।

सरकार का दबाव और कंपनियों की मजबूरी

वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि कंपनियां दर कटौती का फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं। इसी वजह से विज्ञापनों और छूट के ज़रिए कंपनियाँ अपने ब्रांड को लुभा रही हैं। हालांकि, पुराने स्टॉक पर कार डीलरों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा है।

घरेलू बजट पर असर

बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, नई जीएसटी दरों से उपभोग में तेजी आएगी। कम कीमतें उपभोक्ताओं को बचत और निवेश के लिए प्रेरित करेंगी। यानी ‘जीएसटी बचत उत्सव 2025’ सिर्फ छूट नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था को गति देने वाला कदम भी है।