पीएम मोदी ने 'नशा मुक्त युवा' अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए युवाओं का शारीरिक-मानसिक रूप से स्वस्थ और नशा मुक्त रहना जरूरी है। यह अभियान युवाओं को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करने और उन्हें सकारात्मक सामाजिक बदलाव का दूत बनाने के लिए है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि जब भारत विकसित भारत की अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहा है तो यह जरूरी है कि युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हों, आत्मविश्वास से भरे हों और किसी भी तरह के नशा-मुक्ति से दूर रहें। प्रधानमंत्री ने वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए नशा मुक्त युवा' का शुभारंभ करते हुए कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य व्यक्तियों, परिवारों, समाज और राष्ट्र को लाभ पहुंचाना है।
पीएम मोदी ने कहा, "आज हम जिस अभियान के साक्षी बन रहे हैं, वह व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए है; और सबसे बढ़कर यह राष्ट्र के लिए है। इस आंदोलन का नाम- 'विकसित भारत संकल्प अभियान' के तहत 'नशा मुक्त युवा' पहल- इसके संकल्प को स्पष्ट करता है।"
उन्होंने आगे कहा, "जब देश एक विकसित भारत बनने पर अपनी नजरें गड़ाए हुए है, तो यह आवश्यक है कि हमारे युवा तन और मन से स्वस्थ हों, आत्मविश्वास से भरे हों, और नशे की जानलेवा आदत से हमेशा के लिए मुक्त हों। यही इस अभियान का उद्देश्य है। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हमारे युवा नशे के खतरों को समझें, सतर्क रहें और इस विनाशकारी आदत से दूर रहें।"
सामूहिक भागीदारी की ताकत पर पीएम मोदी का जोर
पीएम मोदी ने सामाजिक अभियानों को चलाने में सामूहिक भागीदारी की शक्ति पर भी प्रकाश डाला, और कहा कि लोगों को अक्सर व्यक्तिगत रूप से चुनौतीपूर्ण कार्यों को करने में कठिनाई होती है, लेकिन सामूहिक प्रयास अधिक उत्साह और ऊर्जा को प्रेरित कर सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा, "कुछ ऐसे काम होते हैं, जिन्हें अकेले करने पर कभी-कभी निराशा, थकान का एहसास और लंबी दूरी तय करने में अनिच्छा हो सकती है। लेकिन जब वे एक सामूहिक अभियान में बदल जाते हैं, और लाखों लोग कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं, तो जो लोग उन्हें अपने दम पर नहीं कर पाते थे, वे भी ऊर्जा की एक लहर से भर जाते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "आज, उसी ताकत से प्रेरित यह अभियान हर युवा दिल को छू रहा है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अभियान पिछले साल काशी से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। उन्होंने कहा, "यह अभियान पिछले साल एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। हमारे करोड़ों देशवासियों के कल्याण के लिए आज 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन हमारे साथ जुड़े हैं। इसलिए, हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हमारे युवा नशे के खतरों को समझें, हर तरह से जागरूक रहें, और उनसे दूर रहें।"
अभियान का उद्देश्य और गतिविधियां
'विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए नशा मुक्त युवा' युवाओं को नशीली दवाओं के सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के दूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है।
यह लॉन्च नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ 100-सप्ताह के राष्ट्रव्यापी जन भागीदारी अभियान की शुरुआत का प्रतीक है, जिसके तहत देश भर में हर रविवार को साप्ताहिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा ताकि नशा मुक्त समाज के निर्माण में जागरूकता और जन भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके।
अभियान में खेल आयोजन, वॉकथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, चर्चा मंच, कला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक जुड़ाव कार्यक्रम शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक समाज समूहों, उद्योग निकायों और आध्यात्मिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाना है ताकि नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ सामूहिक आंदोलन को मजबूत किया जा सके।
कार्यक्रम में देश भर में 10,000 से अधिक स्थानों पर युवाओं ने भाग लिया, जिसमें एमवाई भारत के स्वयंसेवक, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, युवा क्लब, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, गैर सरकारी संगठन और उद्योग संघों के युवा विंग वर्चुअली शामिल हुए। (एएनआई)
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