प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चल रही चर्चा पर जवाब दिया। इसके बाद पीएम मोदी राज्यसभा में भी जवाब देंगे।  

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चल रही चर्चा पर जवाब देते हुए कहा कि आपके लिए गांधी जी ट्रेलर हो सकते हैं लेकिन हमारे लिए जिंदगी हैं। उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि क्यों नहीं हुआ, कब होगा, कैसे होगा? जैसे सवाल करने वालों का मैं बुरा नहीं मानता, मैं समझता हूं कि आप मान चुके हैं कि करेगा तो यही यानी मोदी करेगा। 

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पीएम मोदी ने कहा कि किसानों के लिए चलाई गईं विभिन्न योजनाओं से किसानों को फायदा हुआ। इस दौरान विपक्ष ने हंगामा शुरू किया तो पीएम ने कहा कि राजनीति करिए, करनी भी चाहिए, लेकिन किसानों से खिलवाड़ न करें। बेरोजगारी के सवाल पर विपक्षी नेताओं से मोदी, यह काम भी हम ही करेंगे। लेकिन एक काम नहीं करेंगे, न होने देंगे वह है आपकी बेरोजगारी, इसे खत्म नहीं होने देंगे। 

क्या बोले पीएम मोदी 

  • हमने वित्तीय घाटा नहीं बढ़ने दिया। एफडीआई भी 26 मिलियन डॉलर के पार हुआ। 
  • नॉर्थ ईस्ट वालों को जो दिल्ली दूर लगती थी, आज वही दिल्ली उनके दरवाजे पर जाकर खड़ी हो गई है। चाहे बिजली की बात हो, रेल की बात हो, हवाई अड्डे की बात हो, मोबाइल कनेक्टिविटी की बात हो, हमने ये सब करने का प्रयास किया है।
  • अगर गति तेज न होती तो 11 करोड़ लोगों के घरों में शौचालय न बनते,13 करोड़ गरीब लोगों के घर में गैस का चूल्हा नहीं पहुंचता, 2 करोड़ नए घर गरीबों के लिए नहीं बनते। लंबे समय से अटकी दिल्ली की 1,700 कॉलोनियों को नियमित करने का काम पूरा न होता।
  • आपकी ही सोच के साथ चलते तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती। आपकी ही सोच अगर होती, तो करतापुर साहिब कोरिडोर कभी नहीं बन पाता। आपके ही के तरीके होते, आपका ही रास्ता होता, तो भारत-बांग्लादेश विवाद कभी नहीं सुलझता।
  • लोगों ने सिर्फ सरकार नहीं बदली, सरोकार भी बदलने की अपेक्षा की है। यदि हम उसी तरह चलते जिस तरह से आप लोग चलते थे, जिस रास्ते की आपको आदत हो गई थी, तो 70 साल बाद भी अनुच्छेद 370 नहीं हटाता, मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती।

राज्यसभा में भी देंगे जवाब 

लोकसभा में पीएम के संबोधन के बाद लोकसभा से धन्यवाद प्रस्ताव को पारित कराया जाएगा। लोकसभा के बाद प्रधानमंत्री राज्यसभा में शाम लगभग 5 बजे बोलेंगे। बता दें कि राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 87 (1) के तहत संसद के साल के पहले सत्र के दौरान दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हैं।