पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साफ कह दिया है कि भारत पर दबाव का असर नहीं होगा। अमेरिकी टैरिफ को लेकर पीएम ने कहा कि दबाव जितना अधिक होगा हम झेलने की ताकत बढ़ाते जाएंगे।

Narendra Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत से होने वाले आयात पर 50% टैरिफ लगाने और अतिरिक्त टैरिफ की धमकी देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा जवाब दिया। पीएम ने कहा, 'दबाव कितना ही क्यों न आए हम झेलने की अपनी ताकत बढ़ाते जाएंगे'।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

नरेंद्र मोदी ने कहा, "दुनिया में आर्थिक स्वार्थ वाली राजनीति, सब कोई अपना करने में लगा है। उसे हम भली भांति देख रहे हैं। मैं अहमदाबाद की इस धरती से अपने लघु उद्यमियों से कहूंगा, मेरे छोटे-छोटे दुकानदारों भाई-बहनों से कहूंगा। किसान, पशु पालक भाई-बहनों से कहूंगा। मैं गांधी की धरती से बोल रहा हूं। मेरे देश के लघु उद्यमी, किसान, पशु पालक, हर किसी के लिए मैं आपसे वार-वार वादा करता हूं, मोदी के लिए आपके हित सर्वोपरि हैं।" पीएम ने कहा,

मेरी सरकार, लघु उद्यमियों, किसानों, पशु पालकों का कभी भी अहित नहीं होने देगी। दबाव कितना ही क्यों न आए, हम झेलने की अपनी ताकत बढ़ाते जाएंगे।

Scroll to load tweet…

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाया है 50 प्रतिशत टैरिफ

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से होने वाले आयात पर पहले 25 फीसदी टैरिफ लगाया था। इसके बाद रूस से तेल खरीदने के चलते 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। इससे कुल टैरिफ 50% हो गया है। नए टैरिफ 26 अगस्त से प्रभावी होंगे।

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बात चल रही है। ट्रंप ने जब 25 फीसदी टैरिफ लगाया तब उम्मीद की जा रही थी कि दोनों देशों के बीच शुल्कों को लेकर कुछ सहमति बन जाएगी, लेकिन 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने से व्यापार समझौते पर संदेह के बादल छा गए हैं। अमेरिका की मांग है कि भारत अपने डेयरी और कृषि क्षेत्र को अमेरिकी प्रोडक्ट के आयात के लिए खोले। भारत अमेरिकी नॉनवेज मिल्क से बने सामानों को आयात करने की अनुमति देने को तैयार नहीं। जानकारों का कहना है कि भारत पर समझौते के लिए दबाव बनाने के लिए ट्रंप टैरिफ का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, भारत सरकार दबाव की इस रणनीति के आगे झुकने को तैयार नहीं।