संविधान दिवस समारोह में शामिल होंगे पीएम मोदी, 'जस्टिस' मोबाइल और डिजिटल कोर्ट ऐप करेंगे लॉन्च

| Nov 25 2022, 11:29 PM IST

संविधान दिवस समारोह में शामिल होंगे पीएम मोदी, 'जस्टिस' मोबाइल और डिजिटल कोर्ट ऐप करेंगे लॉन्च

सार

सुप्रीम कोर्ट में आयोजित संविधान दिवस समारोह (Constitution Day celebrations) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। वे ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किए गए वर्चुअल जस्टिस क्लॉक, जस्टिस मोबाइल ऐप 2.0, डिजिटल कोर्ट और S3WaaS वेबसाइट लॉन्च करेंगे।
 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) शनिवार को संविधान दिवस समारोह (Constitution Day celebrations) में शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट में आयोजित इस समारोह में सीजेआई (Chief Justice of India) डी वाई चंद्रचूड़, कानून मंत्री किरेन रिजिजू और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज भी मौजूद रहेंगे। 

26 नवंबर को 1949 को संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को अपनाया गया था। इस उपलक्ष्य में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। 2015 से पहले इस दिन को कानून दिवस के रूप में मनाया जाता था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि संविधान दिवस कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत नई पहल की शुरुआत करेंगे। वे 'वर्चुअल जस्टिस क्लॉक', 'जस्टिस' मोबाइल ऐप 2.0, डिजिटल कोर्ट और 'S3WaaS' वेबसाइट लॉन्च करेंगे।

Subscribe to get breaking news alerts

वर्चुअल जस्टिस क्लॉक: वर्चुअल जस्टिस क्लॉक से पता चलेगा कि किस कोर्ट में कितने केस आए, कितने की सुनवाई हुई, कितने केस निपटाए गए और कितने केस लंबित हैं। यह डाटा दिन, सप्ताह और महीने के आधार पर मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य कोर्ट की कार्यप्रणाली को जवाबदेह और पारदर्शी बनाना है। लोग किसी भी जिला अदालत की वेबसाइट से किसी भी कोर्ट की वर्चुअल जस्टिस क्लॉक को देख पाएंगे।

'जस्टिस' मोबाइल ऐप 2.0: जस्टिस मोबाइल ऐप 2.0 न्यायिक अधिकारियों के लिए बनाया गया है। इसकी मदद से वे कोर्ट और केस का बेहतर तरीके से मैनेजमेंट कर पाएंगे। इससे अधिकारियों को पता चलेगा कि किस कोर्ट में और किस जज के पास कितने केस पेंडिंग हैं और कितने निपटाए गए हैं। यह ऐप हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के लिए उपलब्ध है। इससे वे अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले सभी कोर्ट में लंबित केस और निपटाए गए केसों की निगरानी कर सकते हैं।

डिजिटल कोर्ट: डिजिटल कोर्ट के माध्यम से जजों को कोर्ट के रिकॉर्ड डिजीटल रूप में उपलब्ध होंगे। इससे रिकॉर्ड से किसी खास दस्तावेज निकालने और जज के सामने पेश किए जाने में लगने वाला वक्त बचेगा। यह पहल कोर्ट की कार्यवाही पेपरलेस करने के लिए की गई है। 

यह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी, भारत ने किया इनवाइट

S3WaaS वेबसाइट: S3WaaS वेबसाइट डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से संबंधित जानकारी और सेवाओं को प्रकाशित करने के लिए वेबसाइटों को बनाने, कॉन्फिगर करने और मैनेज करने के लिए एक रूपरेखा है। यह सरकारी संस्थाओं के लिए सुरक्षित, स्केलेबल और सुलभ वेबसाइट बनाने के लिए विकसित क्लाउड सर्विस है। 

यह भी पढ़ें- क्या है FTA, इसके लागू होने से क्या होगा फायदा? आखिर क्यों ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने इसे लेकर की भारत की तारीफ