मध्य प्रदेश में बगावत के चलते सरकार खो चुकी कांग्रेस राजस्थान में जैसे-तैसे संभली थी कि पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ लड़ाई का बिगुल बज गया है। यहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, इससे पहले ही 25 से अधिक विधायकों ने कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब बागी विधायकों को मनाने दिल्ली बुलाया गया है।

नई दिल्ली. अपने सबसे बुरे समय से गुजर रही कांग्रेस के सामने एक नया राजनीति संकट खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश में बगावत के चलते सरकार खो चुकी कांग्रेस राजस्थान में जैसे-तैसे संभली थी कि पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ बगावत हो गई है। यहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, इससे पहले ही 25 से अधिक विधायकों ने कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब बागी विधायकों को मनाने दिल्ली बुलाया गया है। बता दें कि हाल में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का घोर निराशाजनक प्रदर्शन रहा था।

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बागी विधायकों की शिकायतें सुनने पैनल बनाया गया
अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में बगावत से राजनीति हड़कंप की स्थिति है। पार्टी को टूटने से बचाने हाईकमान को सक्रिय होना पड़ा है। हाईकमान ने सभी 25 बागी विधायकों को दिल्ली बुलाया है। इनकी शिकायतों का निराकरण करने तीन सदस्यीय पैनल बनाया है। इसकी अगुवाई हरीश रावत कर रहे हैं। पैनल में मल्लिकार्जुन खड़गे और जेपी अग्रवाल शामिल हैं। ये विधायक आज और कल पैनल से मिलकर अपनी समस्या रखेंगे। बागी विधायकों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील झाखड़, मंत्री चरणजीत चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा भी शामिल हैं। इनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए।

शुक्रवार को कैप्टन दिल्ली तलब
बागी विधायक सोमवार और मंगलवार को पैनल से मिलेंगे। शुक्रवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली पहुंचकर अपनी बात रखेंगे। नवजोत सिंह सिद्धू पहले से ही कैप्टन से नाराज चल रहे हैं। वे लोकसभा चुनाव के समय से ही अपने बागी तेवर दिखाते रहे हैं।