बड़े निवेश धोखाधड़ी के आरोपी राहुल शामराव कालोखे को फिजी से भारत लाया गया है। CBI ने विदेश और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर रेड नोटिस भगोड़े कालोखे के प्रत्यर्पण में सफलता हासिल की। वह निवेशकों को धोखा देकर फरार हो गया था।

नई दिल्ली [भारत], 30 जुलाई (एएनआई): केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और महाराष्ट्र पुलिस के समन्वय से गुरुवार को रेड नोटिस भगोड़े राहुल शामराव कालोखे को फिजी से भारत लाने में सफलतापूर्वक सफलता हासिल की है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

बड़े पैमाने पर निवेश धोखाधड़ी का आरोप

मंत्रालय ने कहा कि आरोपी बड़े पैमाने पर निवेश धोखाधड़ी मामले में वांछित है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को असाधारण रूप से उच्च और सुनिश्चित रिटर्न का झूठा वादा करके पैसे का निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद, कई निवेशकों ने विभिन्न निवेश योजनाओं के माध्यम से बड़ी रकम जमा की। इसके बाद, आरोपी ने व्यक्तिगत लाभ के लिए बेईमानी से निवेशकों के पैसे का दुरुपयोग किया।

ऐसे आया पकड़ में

अपराध करने के बाद, आरोपी जांच और कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो गया। महाराष्ट्र पुलिस के अनुरोध पर, सीबीआई ने इंटरपोल चैनलों के माध्यम से आरोपी के खिलाफ एक रेड नोटिस प्रकाशित करवाया। इसके बाद, आरोपी को फिजी में जियो-लोकेट किया गया और फिजी के अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। उचित प्रक्रिया के बाद, आरोपी को भारत भेज दिया गया।

भगोड़े को भारत वापस लाने के लिए एक एस्कॉर्ट टीम फिजी गई थी। टीम, आरोपी के साथ, 30.07.2026 को भारत पहुंची।

सीबीआई, भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में, इंटरपोल चैनलों के माध्यम से सहायता के लिए भारतपोल के माध्यम से भारत की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। बयान में कहा गया है कि विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के कारण, हाल के वर्षों में इंटरपोल चैनलों के माध्यम से समन्वय के माध्यम से 170 से अधिक वांछित अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत में प्रत्यर्पित किया गया है। (एएनआई)

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