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Delhi Pollution: दिल्ली के 300 किमी के दायरे में आने वाले 6 थर्मल प्लांट होंगे बंद; पुरानी गाड़ियों पर भी बैन

नई दिल्ली (Delhi) में वायु प्रदूषण (Air Pollution) की समस्या का समाधान निकालने 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट(Supreme court) में फिर सुनवाई हुई। SC ने दिल्ली और केंद्र सरकार से इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाने को कहा था।

Pollution in Delhi, hearing in Supreme Court KPA
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New Delhi, First Published Nov 17, 2021, 7:33 AM IST
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नई दिल्ली.दिल्ली (Delhi) में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर अभी भी कम नहीं हुआ है।17 नवंबर की सुबह पंजाब बाग एरिया में वायु गुणवत्ता सूचकांक(air quality index) 413 दर्ज किया गया। इस समस्या का समाधान निकालने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) को आगे आना पड़ा है। इसी को लेकर आज यानी 17 नवंबर को फिर सुनवाई हुई। वहीं, अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी। आज की सुनवाई में दिल्ली और केंद्र सरकार ने इस दिशा में किए जा रहे उपाय और आगामी प्लानिंग के बारे में SC को बताया। दिल्ली सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम कर दिया है, लेकिन केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के वर्क फ्रॉम होम के पक्ष में नहीं है।केन्द्र सरकार ने कोर्ट से कहा कि वो कार पुलिंग, गैर-जरूरी ट्रकों के प्रवेश रोकने जैसे विकल्पों के बारे में सोचेगी। इस बीच दिल्ली के 11 में से 6 थर्मल प्लांट बंद करने का फैसला हुआ है।

कमीशन फॉर एयर क्‍वालिटी मॉनिटरिंग (CAQM) के आदेश
कमीशन फॉर एयर क्‍वालिटी मॉनिटरिंग (CAQM) ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और यूपी के साथ हुई बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। इसमें दिल्ली के 300 किमी के दायरे में आने वाले 11 में से 6 थर्मल प्लांट 30 नवंबर तक बंद करने का फैसला लिया गया। दिल्ली-NCR में सभी सरकारी दफ्तरों और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी आएंगे।  बाकी वर्क फ्रोम होम करेंगे। कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी पर रोक लगा दी गई है। पेट्रोल की 15 साल, जबकि डीजल की 10 साल पुरानी गाड़ियों को सड़क पर उतरने से रोका गया है। उधर, दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली के सरकारी विभागों में 100 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया है। दिल्ली में 1000 CNG प्राइवेट बसों को हायर किया जा रहा है। ये बसें 18 नवंबर को हायर की जाएंगी। दिल्ली में गैस से चलने वाले उद्योगों को छोड़कर बाकी बंद किए जाएंगे। दिल्ली में 372 वॉटर टैंक छिड़काव के लिए लगाए गए हैं। वहीं फायर ब्रिगेड की मदद से 13 हॉट स्पॉट पर भी पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।

पराली को लेकर सुप्रीम कोर्ट की नसीहत
केंद्र और राज्य सरकारों के बीच पराली जलने का लेकर चल रही राजनीति लड़ाई पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने दो टूक कहा कि सरकार किसानों से बात करना चाहती है, तो करे, लेकिन वे किसानों पर कोई जुर्माना लगाना नहीं चाहते। दिल्ली के 5-7 स्टार होटलों में बैठकर किसानों पर टीका-टिप्पणी करना आसान है। लेकिन यह कोई जानना नहीं चाहता कि पराली क्यों जलानी पड़ती है?

सुप्रीम कोर्ट ने लताड़ा
सुप्रीम कोर्ट ने आज की सुनवाई में केंद्र और दिल्ली दोनों सरकारों को फटकारा। केंद्र ने कहा कि 21 नवंबर से मौसम बदलेगा, जिससे प्रदूषण की स्थिति में सुधार होगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम मौसम बदलने का इंतजार नहीं कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि प्रदूषण रोकने उसने क्या प्लान बनाए हैं। सुनवाई के दौरान केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल ( Solicitor General of India) तुषार मेहता पेश हुए। उन्होंने बताया कि सरकार ने कई तरह की पाबंदियां लगाई हैं, इसलिए क्या कोर्ट 21 तारीख तक इंतजार कर सकता है? इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़(Justice DY Chandrachud) ने कहा कि जब मौसम सुधरेगा, तब प्रदूषण की स्थिति में सुधार होगा, आप इसी का इंतजार कर रहे हैं? इसके बाद CJI एनवी रमन्ना(NV Ramana) ने कहा कि 21 तारीख के बाद कम्पलीट शटडाउन पर विचार किया जाएगा।

दिल्ली-NCR में स्कूल-कॉलेज बंद
दिल्ली और आसपास पॉल्युशन खतरनाक स्तर पर है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार के पैनल ने दिल्ली-NCR के सभी स्कूलों-कॉलेजों को बंद करने का फैसला लिया है। अगले आदेश तक सिर्फ ऑनलाइन क्लास ही चलेंगी। दिल्ली में गैर जरूरी सामान लाने-ले जाने वाले ट्रकों की आवाजाही भी रोक दी गई है। इससे पहले 16 नवंबर को केंद्र सरकार का कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट(commission for air quality management) सक्रिय हुआ। कमिशन ने 50% सरकारी अधिकारियों को 21 नवंबर तक वर्क फ्रॉम होम करने की इजाजत दी है। निजी कार्यालयों को भी यही सलाह दी गई है। कमीशन के चेयरमैन एमएम कुट्टी और पर्यावरण सचिव आरपी गुप्ता पॉल्युशन कंट्रोल करने की उपाय ढूंढने में जुट गए हैं। दिल्ली के अलावा उससे सटे राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के पर्यावरण मंत्रालय से जुड़े अधिकारी भी समस्या का समाधान निकालने में लगे हैं। क्लिक करके यह भी पढ़ें

दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचे
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में पॉल्युशन बढ़ने के बाद यहां से बड़ी संख्या में लोग शिमला, मनाली जैसे पहाड़ी स्थलों पर घूमने निकल गए हैं। शिमला में 70 प्रतिशत होटल बुक हैं। कई होटल 18 नवंबर तक फुल हो चुके हैं। लोग पॉल्युशन से बचने खुले क्षेत्रों में जा रहे हैं।

दिल्ली में रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान
पॉल्युशन से निपटने दिल्ली सरकार कई तरह के प्रयोग कर रही है। दिल्ली सरकार ने 19 नवंबर से 3 दिसंबर तक 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान का दूसरा चरण शुरू करने का ऐलान किया है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि इससे पहले 18 अक्टूबर से 18 नवंबर तक पहला चरण चलाने का फैसला लिया गया था।

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