NITI Aayog ने 17 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (National Multidimensional Poverty Index) रिपोर्ट में बताया है कि 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकाले गए हैं। 

NITI Aayog Report. नीती आयोग ने नेशनल मल्टीडायमेंशन पॉवर्टी इंडेक्स के तहत बताया है कि पिछले 5 साल में करीब 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। यह केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं की वजह से संभव हो पाया है।

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भारत में गरीबों की संख्या में कितनी गिरावट हुई

रिपोर्ट के अनुसार केंद्र की मोदी सरकार के कार्यकाल में 2 नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे हुए। इस 5 साल के अंतराल में 13.5 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलने में कामयाब हुए हैं। गरीबों की संख्या में 14.96 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है।

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17 जुलाई को आई नीती आयोग की रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार 2015-16 और 2019-20 के बीच देश में गरीबों की संख्या करीब 24.85 प्रतिशत थी, जो अब गिरकर करीब 14.96 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यानि कुल 9.89 प्रतिशत की शानदार गिरावट सामने आई। 17 जुलाई 2013 को नीति आयोग ने राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक में इसका खुलासा किया है।

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2030 तक भारत का क्या है लक्ष्य

नीती आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने नई दिल्ली में मीडिया को बताया किया पिछले 5 साल में ही 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलने में कामयाब हुए हैं। कहा कि 2030 तक भारत अपने विकास के लक्ष्यों को निर्धारित करके आगे बढ़ रहा है। हम समय से पहले टार्गेट को पूरा करने में सक्षम हैं।

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