राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपालों एवं उपराज्यपालों के 50वें सम्मेलन को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा, आज जब देश की प्रगति के हित में सहकारी संघवाद और स्वस्थ प्रतिस्पर्धी संघवाद पर जोर दिया जाता है तो राज्यपाल की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

नई दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि देश की संवैधानिक व्यवस्था में राज्यपाल और उपराज्यपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, खास तौर पर तब जब सहकारी एवं प्रतिस्पर्धी संघवाद की बात होती है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपालों एवं उपराज्यपालों के 50वें सम्मेलन को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा, ‘‘आज जब देश की प्रगति के हित में सहकारी संघवाद और स्वस्थ प्रतिस्पर्धी संघवाद पर जोर दिया जाता है तो राज्यपाल की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।’’

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विकास की राह में पीछे छूटे लोगों का रखें ध्यान

आदिवासी कल्याण का जिक्र करते हुए कोविंद ने कहा कि उनका विकास और सशक्तिकरण तथा देश की आंतरिक सुरक्षा समावेशी विकास से जुड़ी हुई होती है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘राज्यपाल उनको प्रदत्त संवैधानिक अधिकार का उपयोग करके उपयुक्त मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं ताकि विकास की राह में पीछे छूट गए लोगों के जीवन को बेहतर बनाया जा सके।’’