बिलासपुर के श्मशान के सन्नाटे में आधी रात को तांत्रिक तंत्र-मंत्र रच रहे थे। सामने रखी थी चीफ़ जस्टिस की तस्वीर और मछली, नींबू और सिंदूर...! जानिए ज़मानत के इस ख़ौफ़नाक अंधविश्वास का सनसनीखेज़ सच।
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले स्थित सीपत पुलिस स्टेशन के देवरी गाँव के श्मशान घाट पर शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात एक अजीब और डरावना मंज़र देखने को मिला। रात की खामोशी के बीच जब गांव के लोगों ने श्मशान में कुछ हलचल देखी, तो उन्हें गहरा शक हुआ। जब ग्रामीण वहाँ पहुँचे, तो चार युवक तंत्र-साधना में डूबे थे। ग्रामीणों को अपनी ओर आते देख तीन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, लेकिन ऋषिकेश कुमार नाम का एक युवक पकड़ा गया, जिसे तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया।
आधी रात श्मशान घाट में आखिर क्या हो रहा था?
घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात सिपत थाना क्षेत्र के देवरी गांव के श्मशान घाट की बताई जा रही है। ग्रामीणों ने देर रात चार लोगों को संदिग्ध गतिविधियों में देखा। शक होने पर उन्होंने चारों को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान तीन लोग मौके से भाग निकले, जबकि ऋषिकेश कुमार को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बिलासपुर एसपी रजनीश सिंह के मुताबिक, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया।
चीफ़ जस्टिस की तस्वीर और ख़ौफ़नाक सामान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौक़े पर पहुंची। मौक़े की तलाशी लेने पर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। तंत्र-मंत्र के उस स्थान से एक मरी हुई मछली, नींबू, सिंदूर, नारियल और कुछ तस्वीरें बरामद हुईं। चौंकाने वाली बात यह थी कि उन तस्वीरों में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस रमेश सिन्हा, चाकूबाज़ी के मामले के आरोपी प्रियांशु बोले और उस घटना के पीड़ित की तस्वीरें शामिल थीं।
सोशल मीडिया तांत्रिक का जाल और ज़मानत का 'काल्पनिक' शॉर्टकट
पुलिस पूछताछ में ऋषिकेश कुमार ने बेहद हैरान करने वाली वजह का खुलासा किया। उसने बताया कि उसका रिश्तेदार प्रियांशु बोले चाकू मारने के एक गंभीर मामले में जेल में बंद है। उस केस में एक आरोपी को ज़मानत मिल चुकी थी, जबकि प्रियांशु समेत अन्य की अर्ज़ियाँ कोर्ट में लंबित थीं। ऋषिकेश और उसके दोस्तों ने इंटरनेट पर एक तांत्रिक का वीडियो देखा था, जिसने दावा किया था कि श्मशान में विशेष पूजा-पाठ करने से कोर्ट से ज़मानत मिल सकती है। उसी अंधविश्वास के चक्कर में वे इस खौफनाक कदम तक पहुंच गए।
- घटनास्थल: देवरी गांव का श्मशान घाट, सीपत थाना (बिलासपुर)
- मुख्य आरोपी (हिरासत में): ऋषिकेश कुमार
- बरामद सामग्री: चीफ़ जस्टिस रमेश सिन्हा व अन्य की तस्वीरें, मछली, नींबू, सिंदूर
- वजह: चाकूबाज़ी केस के आरोपी प्रियांशु बोले की ज़मानत याचिका प्रभावित करना
पुलिस की चेतावनी: अंधविश्वास नहीं, सुधार से मिलेगा न्याय
बिलासपुर एसपी रजनीश सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार साथियों व कथित तांत्रिक की तलाश जारी है। एसपी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, "किसी भी तरह की पूजा-पाठ या तांत्रिक अनुष्ठान से कोर्ट से ज़मानत नहीं मिल सकती। अपराधियों को कानून का सम्मान करना चाहिए और खुद को सुधारना चाहिए। अंधविश्वास फैलाकर ऐसी गतिविधियाँ करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी।"


