सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के मक्का रक्षा समझौते के बाद पाकिस्तान का 'इस्लामिक NATO' दांव! ख्वाजा आसिफ ने भारत-इज़राइल का जिक्र कर मुस्लिम देशों से एकजुट होने को कहा-जानिए क्या है यह राज!
नई दिल्ली: सऊदी अरब और तुर्की के साथ ऐतिहासिक 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर करने के ठीक एक दिन बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बड़े "इस्लामिक NATO" के गठन की मांग तेज कर दी है। उन्होंने मुस्लिम देशों से एकजुट होकर भारत और इज़राइल से पैदा होने वाली सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने का आह्वान किया।
मक्का समझौता: NATO के आर्टिकल 5 जैसी सैन्य प्रतिबद्धता
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए इस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है।
- साझा सुरक्षा की शपथ: समझौते के तहत किसी भी एक सदस्य देश पर हुए सशस्त्र हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह सिद्धांत ठीक NATO के अनुच्छेद 5 (Article 5) की तर्ज पर आधारित है।
- 'इस्लामिक NATO' का खाका: आसिफ ने तर्क दिया कि मुस्लिम-बहुल देशों को आपसी मतभेद भुलाकर एक मजबूत सैन्य गठबंधन बनाना चाहिए।
भारत और इज़राइल पर निशाना: सुरक्षा का हवाला
एक साक्षात्कार में ख्वाजा आसिफ ने आतंकवाद को तीनों देशों के लिए साझा खतरा बताते हुए गंभीर आरोप लगाए:
- भारत पर आरोप: आसिफ ने दावा किया कि अफगानिस्तान से संचालित भारत-समर्थित तत्व पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। हालांकि, भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करता है।
- इज़राइल के खिलाफ एकजुटता: आसिफ ने कहा कि इज़राइल की नीतियों का मुकाबला करने के लिए मुस्लिम देशों की एकजुट प्रतिक्रिया जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि इज़राइल के साथ संबंध सामान्य करने से मुस्लिम जगत को कोई फायदा नहीं होगा और फ़िलिस्तीन का समर्थन क्षेत्रीय नीति का मुख्य आधार रहना चाहिए।
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच जियोपॉलिटिकल मोर्चेबंदी
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में गंभीर संकट गहराया हुआ है।
- व्यापक संघर्ष: 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में युद्ध छिड़ गया है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट: जवाब में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए और होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल गया है।
- पाकिस्तान का दांव: इस व्यापक तनाव के बीच पाकिस्तान खुद को इस्लामिक दुनिया के एक अहम रक्षात्मक और कूटनीतिक अगुआ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।


